रांची। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य सरकार की कक्षपाल नियुक्ति प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा हाल ही में जारी किए गए कक्षपाल भर्ती विज्ञापन में वही आयु सीमा रखी गई है, जो वर्ष 2015 की भर्ती के समय निर्धारित थी। जबकि पिछले करीब 10 वर्षों से इस पद पर नियमित नियुक्ति नहीं होने के कारण हजारों योग्य और मेहनती युवा इस अवसर से वंचित हो रहे हैं।
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि लंबी प्रतीक्षा के चलते कई अभ्यर्थी अब आयु सीमा पार कर चुके हैं। ऐसे में यह भर्ती प्रक्रिया युवाओं के साथ अन्याय के समान है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब सरकार समय पर भर्ती प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाई, तो उसका खामियाजा अभ्यर्थियों को क्यों भुगतना पड़े।
उन्होंने कहा कि राज्य के युवाओं ने वर्षों तक इस भर्ती का इंतजार किया है और तैयारी में समय, ऊर्जा और संसाधन लगाए हैं। लेकिन अब उम्र सीमा के कारण वे आवेदन तक नहीं कर पा रहे हैं। यह स्थिति न केवल निराशाजनक है, बल्कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ भी है।
नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से इस पूरे मामले पर संज्ञान लेने की अपील की है। उन्होंने मांग की कि कक्षपाल नियुक्ति में अभ्यर्थियों को आयु सीमा में उचित छूट दी जाए, ताकि वे सभी युवा, जो सरकार की देरी के कारण बाहर हो गए हैं, दोबारा इस अवसर का लाभ उठा सकें। मरांडी ने कहा कि यदि सरकार सच में युवाओं के हित की बात करती है, तो उसे इस मुद्दे पर तुरंत सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए।

