इंदौर। इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी से होने वाली मौतों का सिलसिला थम नहीं रहा है। बुधवार तड़के अरविंदो अस्पताल में 51 वर्षीय हेमंत गायकवाड़ के निधन के बाद इस त्रासदी में मरने वालों की संख्या बढ़कर 25 हो गई है। हेमंत परिवार के एकमात्र कमाने वाले थे और ई-रिक्शा चलाकर अपनी पत्नी व चार बेटियों का पालन-पोषण करते थे।
परिजनों के अनुसार, हेमंत को पहली बार 24 दिसंबर को उल्टी-दस्त की शिकायत पर भर्ती कराया गया था। 28 दिसंबर को डिस्चार्ज होने के बाद 8 जनवरी को उनकी हालत फिर बिगड़ी और उन्हें अरविंदो अस्पताल में भर्ती किया गया। अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि उन्हें पहले से कैंसर व किडनी की बीमारी थी, लेकिन उल्टी-दस्त की वजह से उनकी स्थिति गंभीर हो गई और लंबे इलाज के बावजूद उन्हें नहीं बचाया जा सका।
इस नए मामले ने भागीरथपुरा में जलजनित बीमारी के गंभीर प्रभाव को एक बार फिर उजागर कर दिया है। हालांकि, जिला प्रशासन का दावा है कि त्वरित कार्रवाई के बाद स्थिति में सुधार हो रहा है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. माधव हासानी के अनुसार, ओपीडी में मरीजों की संख्या घटकर 122 रह गई है, जिनमें से केवल तीन डायरिया के मरीज हैं। अब तक कुल 449 मरीज भर्ती किए जा चुके हैं, जिनमें से 433 स्वस्थ होकर घर लौट गए हैं। वर्तमान में 9 मरीज वार्ड में और 7 आईसीयू में हैं।
प्रशासन ने क्षेत्र में दो एम्बुलेंस तैनात की हैं और मरीजों को एमवाय हॉस्पिटल, अरविंदो अस्पताल व चाचा नेहरू बाल चिकित्सालय में निःशुल्क इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित की है। इस त्रासदी ने शहर की जलापूर्ति व्यवस्था और सार्वजनिक स्वास्थ्य तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

