18 दिनों में छह हिंदू मारे गए; शरत चक्रवर्ती और राणा प्रताप बैरागी बने शिकार
ढाका। बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर हमले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। सोमवार को 24 घंटे के अंदर दो हिंदुओं की बेरहमी से हत्या कर दी गई, जिससे पूरे देश में दहशत का माहौल है। नरसिंगदी जिले में किराना दुकानदार शरत चक्रवर्ती मणि (40) पर धारदार हथियारों से हमला किया गया। वे दक्षिण कोरिया से लौटकर व्यापार कर रहे थे। हमलावरों ने उन्हें दुकान में ही घेरकर मौत के घाट उतार दिया।इसी दिन जशोर जिले के मनीरामपुर में हिंदू कारोबारी और पत्रकार राणा प्रताप बैरागी (38-45) की गोली मारकर और गला रेतकर हत्या कर दी गई। राणा आइस फैक्ट्री के मालिक थे और स्थानीय अखबार ‘दैनिक बीडी खबर’ के कार्यकारी संपादक भी। मोटरसाइकिल सवार हमलावरों ने उन्हें फैक्ट्री से बाहर बुलाकर सिर में तीन गोलियां मारीं और गला काट दिया। पुलिस ने मौके से सात खाली कारतूस बरामद किए। थाना प्रभारी मोहम्मद रजीउल्लाह खान ने बताया कि जांच जारी है, लेकिन मकसद स्पष्ट नहीं।ये हत्याएं पिछले 18 दिनों में हिंदुओं पर हुए छह हमलों की कड़ी हैं। सामाजिक कार्यकर्ता बप्पादित्य बसु ने कड़ी निंदा करते हुए चेतावनी दी कि अगर यह सिलसिला नहीं रुका तो जल्द ही बांग्लादेश से हिंदू समुदाय का अस्तित्व खत्म हो जाएगा। अल्पसंख्यक संगठनों ने तत्काल गिरफ्तारियां और सुरक्षा की मांग की है। अंतरिम सरकार पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने में नाकामी के आरोप लग रहे हैं। हिंदू समुदाय में भय व्याप्त है, कई परिवार सुरक्षित ठिकानों की तलाश में हैं।

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