रांची। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने मंगलवार को प्रदेश कार्यालय में प्रेस कांफ्रेंस कर कांग्रेस पार्टी पर निशाना साधा। मरांडी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी खुद कंफ्यूज है, हताश और निराश है। इसलिए जी राम जी योजना को लेकर जनता को कंफ्यूज कर रही है, दिग्भ्रमित कर रही है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी को कुछ लाइन याद कर लेनी चाहिए, जी राम जी मतलब अंत्योदय, जी राम जी का अर्थ है गांव, गरीब, किसान मजदूर कल्याण, जी राम जी मतलब गांधी के सपनों का राम राज्य, जी राम जी का मतलब भ्रष्टाचार मुक्त ग्राम विकास। उन्होंने कहा कि कांग्रेस गांव, गरीब किसान विरोधी पार्टी है। कांग्रेस को भ्रष्टाचार, लूट रुकने से परेशानी हो रही है। योजना में राम शब्द आ रहा है इससे परेशानी हो रही है। उन्होंने कहा कि जब मनरेगा में फर्जीवाड़ा, भ्रष्टाचार की पराकाष्ठा हो गया, कई सुधार के प्रयासों के बावजूद स्थिति नहीं बदली तो फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार ने विकसित भारत 2047 के संकल्पों को धरातल पर उतारने और उसमें ग्रामीण भारत की बुनियादी सुविधाओं को विकसित कर गांव को आज की आवश्यकताओं के अनुरूप मुख्यधारा में तेजी से जोड़ने के लिए विकसित भारत जी राम जी योजना का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि कहा कि मनरेगा भ्रष्टाचार, लूट का केंद्र बन गया था। झारखंड ने तो लूट में मिसाल कायम किया। खूंटी जिले में 24 करोड़ के गबन उजागर होने पर कैसे एक वरिष्ठ आइएएस अधिकारी को जेल जाना पड़ा। झारखंड के लगभग सभी जिलों में मनरेगा में घोटाले उजागर हुए हैं। ऐसे ही झारखंड के लगभग सभी जिलों में मनरेगा में करोड़ों का लूट उजागर हुआ है। इसी प्रकार वित्तीय वर्ष 2025-26 में पश्चिम बंगाल के 19 जिलों सहित 23 राज्यों की निगरानी में कागजों पर ऐसे कार्य दिखाये गये जिसका जमीन पर अस्तित्व ही नहीं था। जितनी राशि का खर्च दिखाया गया था उतने कार्य नहीं पाये गये। साथ ही श्रम आधारित कार्यों में मशीनों का उपयोग बड़े पैमाने पर किया गया। 40 प्रतिशत तक कमीशन खोरी की बातें भी उजागर हुई। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के सपनों को साकार करने के लिए जी राम जी नये अधिनियम की आवश्यकता पड़ी जिसके माध्यम से गांवों को विकसित भारत की बुनियाद बनाया जायेगा। नया अधिनियम विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन ( ग्रामीण) यह अधिनियम 20 वर्ष पुराने मनरेगा का विकसित और बड़ा मॉडल है। यह विकसित भारत 2047 के संकल्प को पूरा करने के लिए ग्रामीण श्रमिकों को पहले 100 दिन के बदले अब 125 दिन के कार्य दिवस की गारंटी देता है। इसमें मुख्यत: चार बिंदुओं पर फोकस किया गया है। इस अधिनियम में अनेक बिखरे हुए श्रेणियों की जगह चार श्रेणियां निर्धारित की गयी हैं। जिसमें जल संरक्षण जो आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है से संबंधित निर्माण, ग्रामीण बुनियादी संरचना का निर्माण जिसमें सड़कों का निर्माण शामिल है। जो गांव को बाजार से जोड़ता है।
इस अधिनियम में एआइ आधारित धोखाधड़ी की पहचान की व्यवस्था की गयी है। केंद्र और राज्य स्तरीय निगरानी समिति की व्यवस्था। जीपीएस मोबाइल आधारित निगरानी की व्यवस्था, साप्ताहिक सार्वजनिक प्रकटीकरण, प्रत्येक पंचायत में वर्ष में दो बार योजनाओं की सोशल आॅडिट का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि इस अधिनियम में किसान और श्रमिक दोनों को लाभ की दृष्टि से ध्यान रखा गया है। वर्ष में 60 दिन नो वर्क अवधि। क्योंकि कृषि कार्य के समय मजदूर कृषि कार्य में शामिल रहते हैं। कृषि कार्य में मजदूरों को मजदूरी भी ज्यादा मिलती है साथ ही किसानों को समय पर मजदूर भी मिल जाते हैं। बाकी वर्ष के 300 दिन में 125 दिन काम की गारंटी दी गयी है। काम नहीं मिलने की स्थिति में बेरोजगारी भत्ता का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता जनता को नये अधिनियम की खूबियों को जनता के बीच लेकर जायेंगे और कांग्रेस के दुष्प्रचार का पर्दाफाश करेंगे। इस मौके पर प्रदेश उपाध्यक्ष राकेश प्रसाद, किसान मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष पवन साहू, प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव, सह मीडिया प्रभारी योगेंद्र प्रताप सिंह भी उपस्थित थे।

