रांची। झारखंड में मतदाताओं के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर चुनाव आयोग ने कमर कस ली है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (CEO) के. रवि कुमार ने सभी जिलों के निर्वाचन पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर तैयारियों का जायजा लिया। बैठक में बताया गया कि राज्य में पुरानी मतदाता सूची से वर्तमान सूची की मैपिंग का 70% कार्य संपन्न हो चुका है।
शहरी क्षेत्रों और मैपिंग पर जोर सीईओ ने शहरी क्षेत्रों में बीएलओ (BLO) को मैपिंग कार्य में प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी कार्यालयों में विशेष कैंप लगाकर कर्मियों को प्रशिक्षित किया जाए। मतदाता सूची को त्रुटिहीन बनाने के लिए 8 चेक प्वाइंट्स निर्धारित किए गए हैं, जिनका पालन अनिवार्य है। इसके अलावा, राज्य के बाहर से आए मतदाताओं की अलग सूची बनाने और एब्सेंट, शिफ्टेड, डेथ एवं डुप्लीकेट (ASDG) वोटरों के डेटा का डिजिटलीकरण करने का निर्देश दिया गया है।
तकनीक और पारदर्शिता का समन्वय मतदाता पहचान पत्र की गुणवत्ता सुधारने के लिए बीएलओ अब मोबाइल ऐप से फोटो अपडेट करेंगे। साथ ही, 28 जनवरी से 6 फरवरी के बीच राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट (BLA) को प्रशिक्षित किया जाएगा। जनता की सुविधा के लिए मतदान केंद्रों पर बीएलओ के नाम और नंबर वाले स्टीकर लगाए जाएंगे। निर्वाचन आयोग ने 1950 टॉल फ्री नंबर और ‘बुक ए कॉल’ फीचर का व्यापक प्रचार करने को भी कहा है ताकि कोई भी पात्र मतदाता सूची से न छूटे।
