रांची। झारखंड में होने वाले आगामी नगर निकाय चुनाव को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इस बार चुनाव बैलेट पेपर (मतपत्र) के जरिए कराए जा रहे हैं, जिसमें एक महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। मतदाताओं को वार्ड पार्षद और मेयर (अध्यक्ष) दोनों के लिए अपने वोट एक ही बैलेट बॉक्स में डालने होंगे। हालांकि, भ्रम की स्थिति से बचने के लिए आयोग ने दोनों पदों के लिए अलग-अलग रंगों के बैलेट पेपर आवंटित किए हैं।
बैलेट पेपर के रंगों का गणित राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव राधेश्याम प्रसाद ने जानकारी दी कि निर्वाचन प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए रंगों का चयन कर लिया गया है। मेयर पद के लिए गुलाबी (पिंक) रंग का बैलेट पेपर होगा, जबकि वार्ड पार्षद के लिए सफेद रंग का बैलेट पेपर इस्तेमाल किया जाएगा। मतदान केंद्रों पर पर्याप्त संख्या में बैलेट बॉक्स उपलब्ध रहेंगे, जिनकी मरम्मत और रंगाई का काम जिला स्तर पर पूरा कर लिया गया है।
16 जनवरी को अधिकारियों की ट्रेनिंग चुनाव को पारदर्शी और त्रुटिहीन बनाने के लिए आयोग 16 जनवरी को एक दिवसीय राज्यस्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करेगा। इस कार्यक्रम में सभी आरओ (रिटर्निंग ऑफिसर) और एआरओ (असिस्टेंट रिटर्निंग ऑफिसर) को नामांकन से लेकर चुनाव चिह्न आवंटन और मतगणना की बारीकियों के बारे में प्रशिक्षित किया जाएगा। आयोग ने पहले ही सभी जिलों को 50-50 चुनाव चिह्न जारी कर दिए हैं।
परिणाम आने में लग सकता है अधिक समय एक ही बॉक्स में दो अलग-अलग पदों के मतपत्र होने के कारण मतगणना प्रक्रिया लंबी खिंचने के आसार हैं। काउंटिंग के समय अधिकारियों को सबसे पहले गुलाबी और सफेद मतपत्रों की छंटनी करनी होगी। हालांकि रंगों के अंतर से छंटनी में आसानी होगी, फिर भी इस प्रक्रिया के कारण चुनाव परिणामों की घोषणा में देरी हो सकती है।
जल्द हो सकती है चुनाव की तारीखों की घोषणा राज्य के 48 नगर निकायों में आरक्षण की प्रक्रिया पहले ही पूरी हो चुकी है। 16 जनवरी के प्रशिक्षण और उसके बाद होने वाली उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के बाद, इस महीने के अंत तक चुनाव की औपचारिक अधिसूचना जारी होने की प्रबल संभावना है।

