ईरान में महंगाई और देश के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के खिलाफ पिछले सात दिनों से जारी विरोध प्रदर्शन अब गंभीर रूप ले चुके हैं। देश के 31 प्रांतों में से 25 प्रांतों के कम से कम 60 शहरों में आंदोलन फैल चुका है, जहां 174 से अधिक स्थानों पर प्रदर्शन, हड़ताल और सभाएं दर्ज की गई हैं। प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच हुई झड़पों में अब तक कम से कम 16 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जिनमें 15 प्रदर्शनकारी और एक सुरक्षाकर्मी शामिल है।
ईरान इंटरनेशनल की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका स्थित ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज एजेंसी (HRANA) ने बताया कि इन प्रदर्शनों के दौरान 582 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है। हिरासत में लिए गए लोगों में बड़ी संख्या में नाबालिग भी शामिल हैं। वहीं, सुरक्षा बलों की कार्रवाई में कम से कम 44 लोग घायल हुए हैं।
अशांति शुरू होने के बाद अपने पहले सार्वजनिक संबोधन में ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई ने प्रदर्शनकारियों को ‘दंगाई’ करार दिया और आंदोलन को सख्ती से कुचलने का आह्वान किया। उनके इस बयान के बाद हालात और तनावपूर्ण हो गए हैं।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी प्रतिक्रिया तेज हो गई है। संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी राजदूत माइक वाल्ट्ज ने कहा कि अमेरिका और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप आज़ादी चाहने वाले ईरानियों के साथ मजबूती से खड़े हैं। वहीं, ईरान मानवाधिकारों पर संयुक्त राष्ट्र की विशेष दूत माई सातो ने ईरानी सरकार से अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकारों का सम्मान करने की अपील की है।
दो दिनों की अपेक्षाकृत शांति के बाद राजधानी तेहरान के पूर्वी और पश्चिमी इलाकों में फिर से प्रदर्शन भड़क उठे। मशहद और कोम जैसे पवित्र शहरों में भी विरोध प्रदर्शन की खबरें सामने आई हैं। हालात पर कड़ी नजर रखी जा रही है।

