नेपाल। नेपाल में आगामी प्रतिनिधि सभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। चुनाव में अब केवल 60 दिन शेष रह गए हैं और इसी के साथ रविवार से निर्वाचन आयोग ने देशभर में निर्वाचन आचार संहिता लागू कर दी है। आयोग के अनुसार, 5 मार्च को होने वाले प्रतिनिधि सभा चुनाव को निष्पक्ष, स्वतंत्र और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के लिए यह कदम उठाया गया है।
आचार संहिता लागू होने के बाद किसी भी सरकारी या अर्ध-सरकारी निकाय को किसी राजनीतिक दल या उम्मीदवार के पक्ष अथवा विपक्ष में किसी भी प्रकार की गतिविधि करने की अनुमति नहीं होगी। इसके तहत किसी भी सरकारी परियोजना या संसाधन का उपयोग चुनावी लाभ के लिए नहीं किया जा सकेगा। निर्वाचन आयोग द्वारा संचालित चुनाव प्रबंधन, मतदाता शिक्षा और अन्य चुनाव संबंधी कार्यक्रमों में किसी भी तरह की बाधा डालना भी प्रतिबंधित रहेगा।
आचार संहिता में यह भी स्पष्ट किया गया है कि सरकारी कार्यालयों, सार्वजनिक संस्थानों, विश्वविद्यालयों, विद्यालयों और कॉलेजों का उपयोग चुनाव प्रचार या सभाओं के लिए नहीं किया जा सकेगा। साथ ही राजनीतिक दलों या उम्मीदवारों के चुनाव चिह्न वाले कपड़े, जैकेट, टोपी, मास्क, बैग, बैज, स्टिकर या अन्य प्रतीकात्मक सामग्रियों के निर्माण, वितरण और प्रदर्शन पर रोक लगाई गई है।
इसके अलावा, निजी संपत्ति पर मकान या भूमि स्वामी की अनुमति के बिना चुनाव प्रचार नहीं किया जा सकेगा। बच्चों के उपयोग पर भी पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। रैली, जुलूस या आम सभाएं इस प्रकार आयोजित नहीं की जा सकेंगी जिससे आम नागरिकों की आवाजाही प्रभावित हो। सोशल मीडिया सहित किसी भी माध्यम से झूठी, भ्रामक या घृणास्पद सूचना के प्रसार पर भी सख्त रोक रहेगी। निर्वाचन आयोग ने सभी दलों और उम्मीदवारों से आचार संहिता का सख्ती से पालन करने की अपील की है।

