पश्चिम सिंहभूम। पश्चिम सिंहभूम जिले के नोआमुंडी प्रखंड में जंगली हाथी ने मौत का खौफनाक खेल खेला। मंगलवार की रात बाबरिया गांव में एक दंतैल हाथी ने सोते हुए एक परिवार पर हमला बोल दिया, जिसमें पति-पत्नी सनातन मेराल और जोंकों कुई तथा उनके तीन मासूम बच्चों समेत पांच लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। परिवार का एक बच्चा किसी तरह बाल-बाल बच निकला। इसी रात पास के बड़ा पासीया और लांपाईसाई गांवों में भी हाथी ने दो अन्य ग्रामीणों को रौंद डाला, जिससे कुल मौतें छह हो गईं। घटना के बाद गांव में कोहराम मच गया।
ग्रामीणों का कहना है कि हाथी ने घर की दीवारें तोड़कर अंदर घुसकर हमला किया। नक्सल प्रभावित क्षेत्र होने से वन विभाग की टीम देर से पहुंच सकी, अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। कोल्हान और सारंडा के जंगली इलाकों में पिछले दस दिनों में हाथी के हमलों से 20 से ज्यादा मौतें हो चुकी हैं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं दिख रही।ग्रामीणों में भय और आक्रोश चरम पर है। कई गांवों के लोग रात में घर छोड़कर खुले आसमान के नीचे शरण लेने को मजबूर हैं। ठंड के मौसम में महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग भारी मुश्किलों का सामना कर रहे हैं। वन विभाग पर लापरवाही के आरोप लग रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि जंगल कटाई और कॉरिडोर बाधित होने से मानव-हाथी संघर्ष बढ़ा है।

