पूर्वी सिंहभूम। करीब 14 दिनों तक रहस्यमयी परिस्थितियों में लापता रहे उद्यमी सह एशिया उपाध्यक्ष देवांग गांधी के पुत्र कैरव गांधी की मंगलवार तड़के सुरक्षित बरामदगी के बाद शहर में राहत और सुकून का माहौल है। मंगलवार सुबह लगभग 10:30 बजे देवांग गांधी अपने पुत्र कैरव गांधी के साथ आवास की बालकनी में आए और हाथ जोड़कर शहरवासियों,मीडिया कर्मियों तथा पुलिस प्रशासन का धन्यवाद किया।

इस दौरान देवांग गांधी ने कहा कि बीते 13–14 दिन उनके पूरे परिवार के लिए बेहद पीड़ादायक और कठिन रहे। उन्होंने कहा कि इस संकट की घड़ी में जमशेदपुर के लोगों की प्रार्थनाएं, समर्थन और एकजुटता ही उनकी सबसे बड़ी ताकत बनी। उन्होंने मीडिया और पुलिस प्रशासन का भी आभार जताया, जिन्होंने लगातार मामले पर नजर बनाए रखी।

वहीं कैरव गांधी ने भी संक्षिप्त रूप से हाथ जोड़कर सभी के सहयोग के लिए धन्यवाद कहा, हालांकि उन्होंने अपनी आपबीती या वापसी से जुड़ी किसी भी तरह की जानकारी साझा नहीं की और न ही किसी सवाल का जवाब दिया।

कैरव गांधी की सुरक्षित वापसी के बावजूद पूरा मामला अब भी रहस्य बना हुआ है। वह 13 दिनों तक कहां रहे, किन परिस्थितियों में थे और उनकी बरामदगी कैसे हुई—इन सभी सवालों पर फिलहाल आधिकारिक तौर पर कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। पुलिस प्रशासन की ओर से भी अब तक विस्तृत बयान जारी नहीं किया गया है,जिससे तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं।

पूरे प्रकरण की सच्चाई सामने आना बाकी है
इसी बीच जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने गांधी परिवार से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। उन्होंने कहा कि कैरव गांधी की सुरक्षित वापसी राहत की बात है, लेकिन पूरे प्रकरण की सच्चाई सामने आना अभी बाकी है। सरयू राय ने बताया कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार कैरव गांधी की बरामदगी हजारीबाग इलाके से हुई है, हालांकि उन्होंने भी पुलिस के आधिकारिक बयान का इंतजार करने की बात कही। फिलहाल कैरव गांधी की घर वापसी से शहर में खुशी और राहत का माहौल है, वहीं लोग इस बहुचर्चित मामले की पूरी सच्चाई सामने आने का इंतजार कर रहे हैं।

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