रांची। झारखंड में पिछले कई वर्षों से लंबित नगर निकाय चुनाव का इंतजार अब खत्म होने वाला है। राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा भेजे गए चुनावी कार्यक्रम के प्रस्ताव पर राज्यपाल ने अपनी औपचारिक सहमति दे दी है। इसके साथ ही अब राज्य के 48 नगर निकायों में चुनावी बिगुल बजने की तैयारी शुरू हो गई है। हाईकोर्ट के कड़े रुख और 31 मार्च तक चुनाव संपन्न कराने के आदेश के बाद, आयोग ने 28 फरवरी तक ही पूरी प्रक्रिया संपन्न करने का लक्ष्य रखा है।

27 जनवरी को जारी होगी अधिसूचना तय कार्यक्रम के अनुसार, निकाय चुनाव की विधिवत अधिसूचना 27 जनवरी को जारी की जा सकती है। इसके बाद नामांकन के लिए सात कार्य दिवसों का समय दिया जाएगा। नामांकन पत्रों की जांच और नाम वापसी की प्रक्रिया के बाद 10 फरवरी तक प्रत्याशियों को चुनाव चिन्ह आवंटित कर दिए जाएंगे। प्रचार-प्रसार के लिए लगभग दो सप्ताह का समय मिलेगा और 24 या 25 फरवरी को मतदान होने की प्रबल संभावना है। 28 फरवरी तक परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे, जिससे नवनिर्वाचित प्रतिनिधि होली से पहले अपना कार्यभार संभाल सकेंगे।

वर्षों का इंतजार होगा खत्म झारखंड के 9 नगर निगम, 20 नगर परिषद और 19 नगर पंचायतों में चुनाव लंबे समय से अटके हुए थे। गौरतलब है कि 2020 में कोरोना महामारी के कारण इन्हें स्थगित किया गया था, जिसके बाद ओबीसी आरक्षण और ‘ट्रिपल टेस्ट’ के पेचीदा मामलों के कारण इसमें देरी होती रही। अब हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद सरकार और आयोग ने इसे मिशन मोड में लिया है।

पुरानी वोटर लिस्ट और बैलेट पेपर से चुनाव राज्य निर्वाचन आयुक्त अलका तिवारी ने स्पष्ट किया है कि यह चुनाव पुरानी प्रकाशित मतदाता सूची के आधार पर ही कराए जाएंगे और मतदान बैलेट पेपर के माध्यम से होगा। निर्वाचन आयोग ने सभी जिलों के अधिकारियों को मुस्तैद रहने का निर्देश दिया है ताकि सुरक्षा और निष्पक्षता के साथ चुनाव संपन्न कराए जा सकें।

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