नई दिल्ली। वैश्विक वित्तीय बाजारों में गुरुवार को भी गिरावट का दबाव बना हुआ है। अमेरिकी बाजारों के सपाट बंद होने और एशियाई बाजारों में व्याप्त बिकवाली की लहर के चलते निवेशकों के मन में सतर्कता बनी हुई है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कोई बदलाव न करने के निर्णय से बाजारों में निराशा का माहौल है।

अमेरिकी बाजार पिछले सत्र में सपाट से कारोबार करते हुए बंद हुए, जहां डाउ जॉन्स मामूली तेजी के साथ 49,015.60 अंक पर रुका। हालांकि, डाउ जॉन्स फ्यूचर्स आज 0.03% की गिरावट के साथ कारोबार कर रहे हैं, जो आगामी सत्र के लिए नरम संकेत दे रहे हैं। यूरोपीय बाजारों ने भी पिछले सत्र में लाल निशान देखे, जहां ब्रिटेन का एफटीएसई 0.53% और फ्रांस का सीएसी 1.07% गिरा।

एशियाई बाजारों में भी स्थिति बेहतर नहीं है। आज एशिया के नौ में से सात बाजार लाल निशान में कारोबार कर रहे हैं। इंडोनेशिया का जकार्ता कंपोजिट 6.60% की भारी गिरावट के साथ सबसे अधिक प्रभावित है। इसके अलावा थाईलैंड का सेट इंडेक्स और ताइवान का वेटेड इंडेक्स भी 0.5% से अधिक की गिरावट दर्ज कर रहे हैं।

हालांकि, दक्षिण कोरिया का कोस्पी 0.84% और हांगकांग का हैंग सेंग 0.56% की मजबूती के साथ हरे निशान में टिके हुए हैं। भारतीय बाजार भी ग्लोबल संकेतों से प्रभावित दिख रहे हैं, जहां गिफ्ट निफ्टी फ्यूचर्स 0.32% की कमजोरी के साथ 25,346 अंक के स्तर पर कारोबार कर रहे हैं।

कुल मिलाकर, केंद्रीय बैंकों की मौद्रिक नीति को लेकर अनिश्चितता और वैश्विक आर्थिक सुस्ती की आशंकाएं निवेशकों के मूड को प्रभावित कर रही हैं, जिसका असर दुनिया भर के शेयर बाजारों पर देखने को मिल रहा है।

Share.

Comments are closed.

Exit mobile version