नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आजादी के बाद देश के लिए अपने प्राणों की आहूति देने वाले शहीदों की याद में राष्ट्रीय समर स्मारक को राष्ट्र को समर्पित किया। इस दौरान उन्होंने जहां देश की सेना और शहीदों के परिवारों के लिए अपनी सरकार द्वारा उठाये गये कदमों का जिक्र किया। वहीं कांग्रेस खास कर नेहरू-गांधी परिवार पर तीखे हमले बोले। उन्होंने कहा कि बोफोर्स से लेकर हेलिकॉप्टर तक सारी जांच का एक ही परिवार तक पहुंच जाना बहुत कुछ कह जाता है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि कुछ लोगों के लिए देश पहले नहीं, बल्कि परिवार और परिवार के हित पहले हैं। शहीदों को नमन करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जीये तो भी देश के लिए, मरे भी तो देश के लिए, जीये भी तो तिरंगे के लिए और मरे भी तो तिरंगा ओढ़ कर, ऐसे वीर सपूतों को मैं नमन करता हूं।’ प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में वन रैंक वन पेंशन को मंजूरी, सेना के लिए बुलेटप्रूफ जैकेटों और आधुनिक सैन्य साजो-सामानों, हथियारों की खरीदारी समेत अपनी सरकार द्वारा सेना और शहीदों के परिवारों के हित में लिये गये फैसलों का खास जिक्र किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि कुछ लोगों के लिए देश से भी बड़ा उनका परिवार है। पीएम मोदी ने कहा कि सेना को मजबूत करने की बात हो या शहीदों के सम्मान की, कुछ लोगों को देश से भी बड़ा अपना परिवार है, परिवार के हित हैं।
परमवीर चक्र विजेता अल्बर्ट एक्का को दी गयी श्रद्धांजलि
नयी दिल्ली। वॉर मेमोरियल में झारखंड के शहीद परमवीर चक्र विजेता अल्बर्ट एक्का की प्रतिमा भी स्थापित की गयी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। बता दें कि वार मेमोरियल को देश की रक्षा की खातिर शहीद होने वाले 25 हजार 942 से वीर जवानों की याद में बनाया गया है। छह भुजाओं (हेक्सागोन) वाले आकार में बने मेमोरियल के केंद्र में 15 मीटर ऊंचा स्मारक स्तंभ है। इस पर भित्ति चित्र, ग्राफिक पैनल, शहीदों के नाम और 21 परमवीर चक्र विजेताओं की मूर्ति बनायी गयी है। शहीदों के नाम दीवार की ईंटों पर उकेरे गये हैं।
‘हमें नामुमकिन को मुमकिन बनाना आता है’
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उनकी सरकार को नामुमकिन को मुमकिन बनाना आता है। उन्होंने कहा कि पूर्व सैनिकों और शहीदों के परिवारों का जीवन आसान बनाने के लिए अनेक कदम साढ़े 4 सालों में उठाये गये हैं। एक ऐसी सरकार आपके सामने है, जिसे नामुमकिन को मुमकिन बनाना आता है।