रांची/गुमला। जम्मू कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले में झारखंड ने भी अपना बेटा खोया है। गुमला के बसिया प्रखंड के फरसामा गांव के विजय सोरेंग की याद में पूरा प्रदेश शुक्रवार को गमजदा रहा। झारखंड के लोगों ने कहा, अपने बेटे की शहादत को बेकार नहीं जाने देंगे। शहीद विजय की पत्नी कारमेला ने तो यहां तक कहा कि सरकार इस हमले का बदला ले या फिर उन्हें मौका दे। कारमेला झारखंड सशस्त्र बल (जैप) 10 में हवलदार हैं। वह फिलहाल रांची के कोकर इलाके में अपने रिश्तेदार के यहां हैं। गम और गुस्से से भरीं कारमेला रह-रह कर रोने लगती हैं। उन्हें अपने शहीद पति के शव का इंतजार है।
जानकारी के मुताबिक पुलवामा में शहीद हुए जवानों के पार्थिव शरीर दिल्ली एयरपोर्ट पर लाये गये। सूचना के मुताबिक गुमला के शहीद विजय सोरेंग का पार्थिव शरीर शनिवार को रांची आयेगा।
कारमेला को अपने पति की शहादत की सूचना गुरुवार रात 10 बजे मिली। उस समय वह अपनी ड्यूटी खत्म कर बैरक में लौटी थीं। सूचना मिलने के बाद ही उन्हें उनके रिश्तेदार के यहां पहुंचाया गया।
उधर शुक्रवार को शहीद विजय के पैतृक गांव में गम और गुस्से का माहौल था। फरसामा गांव में शहीद के घर पर लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। शहीद के पिता सेना के सेवानिवृत्त जवान हैं। उन्हें अपने बेटे की शहादत पर गर्व है। रुंधे गले से उन्होंने कहा, मेरे बेटे ने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है। उसने देश की सेवा में अपनी जान दी है। यह गर्व की बात है, लेकिन दुख इस बात का है कि मेरा बेटा अब इस दुनिया में नहीं है।
शहीद के भाई ने कहा कि अब सरकार सीधे पाकिस्तान पर हमला करे, ताकि फिर कभी किसी और पिता को अपना बेटा, किसी भाई को अपना भाई और किसी बेटे को अपना पिता नहीं खोना पड़े। शहीद के बेटे ने कहा कि पिता की शहादत पर उसे गर्व है। अगर मौका मिला, तो वह भी सेना में बहाल होकर दुश्मनों से लड़ेगा। गांव के लोग कहते हैं कि अब पाकिस्तान पर सीधी कार्रवाई का वक्त आ गया है।
विजय सोरेंग एक सप्ताह पहले छुट्टी बिताकर ड्यूटी पर वापस गये थे। उन्होंने गुरुवार दोपहर को हमले से कुछ देर पहले अपने भाई को फोन किया था, जिसमें उन्होंने श्रीनगर जाने की बात कही थी। विजय सोरेंग के दो बेटे और दो बेटी हैं। उनकी प्रारंभिक शिक्षा आरसी प्राथमिक विद्यालय परसामा से हुई थी, जबकि मैट्रिक हाई स्कूल कुम्हारी से उन्होंने पास की।

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