रांची। झारखंड में 67 हजार पारा शिक्षकों के लिए अब अच्छे दिन आनेवाले हैं। सरकार पारा शिक्षकों के स्थायीकरण और वेतनमान की नियमावली को जल्द ही मूर्त रूप देगी। बुधवार को उच्चस्तरीय कमेटी की बैठक के बाद शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ने कहा है कि बजट सत्र से पहले इस पर निर्णय होगा। बैठक में विकास आयुक्त सुखदेव सिंह, कार्मिक सचिव केके खंडेलवाल, शिक्षा सचिव एपी सिंह तथा राज्य परियोजना निदेशक उमाशंकर सिंह मौजूद रहे।
बैठक के बाद मंत्री ने कहा कि इस मसले पर ऐसी नियमावली बनेगी, जो सभी को स्वीकार्य होगी। देश के कई राज्यों में पारा शिक्षक हैं, लेकिन झारखंड की नियमावली सबसे अच्छी होगी। हटाये गये 3500 अप्रशिक्षित पारा शिक्षकों के मामले पर भी केंद्र सरकार से बात करेंगे। इस बैठक में पारा शिक्षकों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।
मंत्री जगरनाथ महतो ने कहा कि आंदोलन के क्रम में पारा शिक्षकों पर दर्ज हुई प्राथमिकी वापस ली जायेगी। अप्रशिक्षित पारा शिक्षकों को हटाने के मामले में वह शीघ्र ही केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री से मिलेंगे। शिक्षा मंत्री ने राज्य में 35 हजार स्कूलों को दिये गये टैब से पूर्व सीएम रघुवर दास का वीडियो हटाने का भी आदेश दिया। इस संबंध में फाइल मुख्य सचिव को भेजी गयी है।
बता दें कि झारखंड में पारा शिक्षक अपने वेतनमान और स्थायीकरण को लेकर लंबे समय से आंदोलन कर रहे थे। अब मंत्री के बयान से पारा शिक्षकों को एक उम्मीद की किरण दिख रही है। इस अहम बैठक में पिछली सरकार में झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद द्वारा पारा शिक्षकों के लिए तैयार की गयी सेवा शर्त नियमावली के अलावा पारा शिक्षकों से आये करीब 3500 सुझावों पर मंथन किया गया। सभी सुझावों को वर्गीकृत कर इस बैठक में रखा गया। हालांकि प्रस्तावित नियमावली में पारा शिक्षकों को वेतनमान देने के बावजूद सरकारी शिक्षक का दर्जा नहीं दिया गया है, जिसका पारा शिक्षक विरोध कर रहे हैं। पारा शिक्षकों की स्पष्ट मांग उन्हें स्थायी करना तथा समान कार्य के लिए समान वेतन देना है।
बैठक के बाद पारा शिक्षक संघ के ऋषिकेश पाठक ने बताया कि टेट पास पारा शिक्षकों को वेतनमान बजट सत्र से पहले दिया जायेगा। साथ ही सीमित परीक्षा लेकर पारा शिक्षकों को स्थायी करने पर भी सहमति बन गयी है। जहां तक भाजपा सरकार में हटाये गये 3500 पारा शिक्षकों का सवाल है, इस पर मंत्री जगरनाथ महतो ने केंद्रीय मंत्रालय और सीएम से बात कर समाधान निकालने का भरोसा दिया है। यह बैठक काफी सकारात्मक रही है। यह भी सहमति बनी है कि पारा शिक्षकों को 16 दिन का आकस्मिक अवकाश मिलेगा। महिला पारा शिक्षकों को 180 दिन का मातृत्व अवकाश और हर महीने दो दिन का विशेष अवकाश मिलेगा। ये सारी बातें नियमावली में होंगी। नियमावली बजट सत्र के पहले फाइनल हो जायेगी।

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