अजय शर्मा
रांची। झारखंड के अधिकारियों ने करीब एक हजार करोड़ रुपये अलग-अलग बैंक खातों में रखे हैं। अब उन अधिकारियों को चिह्नित कर उनके खिलाफ कार्रवाई होगी। वित्त विभाग वैसे अधिकारियों की सूची तैयार कर रहा है। आरोप है कि बैंकों से मिलनेवाला ब्याज निकाल कर उन्होंने अपने उपयोग में खर्च कर दिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार इनमें सबसे ज्यादा रकम मनरेगा की है। उसके लगभग एक सौ करोड़ रुपये निजी खातों में जमा हैं। वित्त विभाग की ओर से पत्र जारी कर विभाग के सचिवों से इस संबंध में विस्तृत जानकारी मांगी गयी है। निजी खातों में सरकारी पैसा रखे जाने के मामले को सरकार ने गंभीरता से लिया है। वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव ने शुक्रवार को अधिकारियों के साथ बैठक की। बजट की रूपरेखा पर चर्चा हुई। इस बैठक में वित्त सचिव, गृह सचिव, उत्पाद सचिव और अन्य अधिकारी थे।
डोभा घोटाले की जांच का आदेश
वित्त विभाग यह भी पता कर रहा है कि पूर्व सरकार के कार्यकाल में डोभा निर्माण पर कितने पैसे खर्च किये गये हैं। सरकार का मानना है कि डोभा निर्माण के नाम पर बड़ी राशि अधिकारियों ने बांट ली है। अब तो कहीं डोभा दिखता भी नहीं है। डोभा घोटाले की जांच के आदेश भी दे दिये गये हैं।
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