बस्तर संभाग में नक्सलियों द्वारा पहली बार प्रेस नोट जारी कर पत्रकारों को धमकी दी है। नक्सलियों के दक्षिण सब जोनल ब्यूरो की तरफ से शुक्रवार को जारी प्रेस नोट में पत्रकारों के नाम लिखकर उनके ऊपर सरकार के साथ चलने का आरोप लगाया गया है। नक्सलियों द्वारा प्रेस नोट में जिन पत्रकारों के नाम लिखे गए हैं उसमें लम्बे समय से नक्सलियों के गढ़ में पत्रकारिता कर रहे बीजापुर के गणेश मिश्रा के साथ लीलाधर राठी, पी विजय, फारुख अली, शुभ्रांशु चौधरी के नाम शामिल हैं। इस मामले पर बस्तर आईजी सुंदरराज पी.ने कहा की पुलिस इस प्रेस नोट की जांच कर रही है। पत्रकारों और समाजसेवी सहित सभी नागरिकों के सुरक्षा की जिम्मेदारी पुलिस की है। किसे कितनी सुरक्षा दी जाएगी इस बात को हम सार्वजनिक नहीं किया जा सकता है।
     प्रेस नोट के जरिये ये भी कहा गया है की सरकार हजारों की संख्या में ग्रामीणों को बेदखल करने के लिए खदान और बांध शुरू करने के लिए समझौता कर चुकी है। नक्सलियों ने पत्र के माध्यम से कहा है की इसलिए ही सुरक्षाबलों की नई कम्पनी तैनात की जा रही है, जबकि जनता इसका विरोध कर रही है। पत्रकारों और समाज सेवियों पर इस पूरे मामले पर साथ देने का आरोप लगाते हुए नक्सलियों ने जनता के जनअदालत में सजा देने की बात कही है। लंबे समय से बस्तर में काम कर रहे शुभ्रांशु चौधरी का कहना है की वो बस्तर में शांति चाहते हैं, इसलिए नक्सलियों ने उनके बारे में ऐसा लिखा है। गणेश मिश्रा का कहना है कि उन्हें इस बात का बहुत दु:ख है की उनके बारे में नक्सलियों ने ऐसा लिखा है। आज भी वह बीजापुर में किराए के मकान में रहते हैं, बीजापुर के अंदरूनी इलाकों से जरूरतमंदों की खबर देश और दुनिया के सामने लाते हैं।
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