बोकारो। बोकारो इस्पात प्रबंधन (बीएसएल) ने छह वर्ष बाद लगने वाले बसंत मेले की तैयारी शुरू कर दी है। बीएसएल प्रबंधन मेले को यादगार बनाना चाहता है। इस बार का इस मेले में गीत-संगीत, रॉक बैंड, कवि सम्मलेन, लकी ड्रा, फूड स्टाल आदि बहुत कुछ होगा। तीन दिवसीय मेला का शुभारंभ 10 फरवरी को होगा। इससे पूर्व शहर में आखिरी बसंत मेला वर्ष 2016 में लगा था।
इस बार डायरेक्टर इंचार्ज बीएसएल अमरेंदु प्रकाश ने मेले का वेन्यू बदलते हुए लाइब्रेरी मैदान कर दिया है। साथ ही मेले में कुल 105 स्टॉल लगाए जाएंगे, जिसमें बीएसएल के विभिन्न विभागों के 35, जनरल स्टॉल 60 और खाने के 10 फूड स्टॉल होंगे। स्टॉल की बुकिंग शुरू है। मेले में बीएसएल का मॉडल भी दिखेगा। इसके माध्यम से लोगों को स्टील प्लांट के बारे में बहुत कुछ जानने को मौका मिलेगा। वहीं, बच्चों के मनोरंजन की खास व्यवस्था की जा रही है। मीना बाजार भी लगेगा।
बीएसएल के चीफ ऑफ कम्युनिकेशन मणिकांत धान ने मंगलवार को कहा कि पिछले माह शहरवासियों के मनोरंजन के लिए कई प्रकार के कार्यक्रम आयोजित की गई थी। इसी कड़ी में प्रबंधन ने एक बार फिर बसंत मेला के आयोजन का फैसला लिया है। इस मेले में मनोरंजन की भरपूर व्यवस्था रहेगी। मेले के आयोजन को लेकर बीएसएल ने तीन चीफ जनरल मैनेजर (सीजीएम) वाली कमेटी बनाई है।
बीएसएल प्रबंधन की कमेटी में सीआरके सुधांशु, राजुल हलकरनी, एके सिंह, एके अविनाश, डॉ. सुजीत परेरा, राजेश शर्मा, समरेंद्र झा, एसआर पत्रा, केके राजू, सौरभ सिंह, अभिनव शंकर आदि हैं। इन अधिकारियों के निर्देश में टेंट का काम लाइब्रेरी ग्राउंड में शुरू हो गया है।
मणिकांत धान ने कहा कि मेले में शहर की विभिन्न कलाकृतियों के साथ विभिन्न स्कूलों और स्टील प्लांट के विभिन्न विभागों के स्टॉल लगाए जाएंगे। साथ ही जिले में बेहतर काम कर रहे सामाजिक संगठनों को भी मेले के माध्यम से मंच मिलेगा। इसके अलावा यहां झूला सहित अन्य मनोरंजक सामग्री के भी स्टॉल लगाए जाएंगे। बच्चों के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाएगा। मेले में खाने-पीने की सामग्री की भी व्यवस्था रहेगी।