-प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की परिपाटी को गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल बढ़ाएंगे आगे

अहमदाबाद। गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल को मिले भेंट-सौगातों की नीलामी कराई जाएगी। कोषागार में जमा कराए गए सभी उपहारों की नीलामी से जो राशि मिलेगी उसका उपयोग गांधीनगर सचिवालय में काम करने वाले चतुर्थवर्गीय कर्मचारियों की बेटियों की शिक्षा के लिए खर्च किया जाएगा। राज्य के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल ने बुधवार को इसकी जानकारी देते हुए बताया कि इस संबंध में उन्होंने अधिकारियों को सूचना दी है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि अधिकारियों को कोषागार में रखे गए सभी उपहारों का सर्वे कराने को कहा गया है। जानकारी में हो कि यह परंपरा मुख्यमंत्री रहते प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुजरात में शुरू की थी। मुख्यमंत्री रहते उन्हें जितने उपहार मिले उसकी नीलामी कराकर उन्होंने प्राप्त राशि को कन्या शिक्षा पर खर्च कराया।

नरेन्द्र मोदी के अभियान के सभी हुए थे कायल
नवम्बर 2001 के बाद गुजरात के मुख्यमंत्री रहते नरेन्द्र मोदी ने दो दर्जन से अधिक बार कन्या केलवणी के प्रेरक संकल्प के लिए कुल 18710 वस्तुएं सरकारी खजाने में जमा करवाई थी। और उनकी नीलामी से करीब 20 करोड़ रुपए हासिल हुए। जितनी बार मोदी के उपहारों की नीलामी होती राज्य की जनता ने गर्मजोशी से इस नीलामी में भाग लिया है। अहमदाबाद, गांधीनगर, सूरत, महेसाणा, राजकोट, वलसाड, वापी, भावनगर, भरूच और आणन्द सहित विभिन्न जिलों में ऐसी नीलामी हुई है।

आज जमा करवाई गई वस्तुओं की सार्वजनिक नीलामी की तारीख और स्थल की घोषना आने वाले दिनों में की जाएगी। मोदी को मिले उपहारों में चांदी के कड़े, सोने-चांदी की मूर्तियां, कलाकृतियां, रथ, धातु की अन्य कलाकृतियां, घड़ियां, स्मृतिचिन्ह, पदक, लकड़ी की वस्तुएं, शॉल, पगड़ियां, कलात्मक छतरियां, सिक्के, फ्रेम, तलवारें, तीर-धनुष, आदिवासी और अन्य समुदायों द्वारा दिए गए परम्परागत वस्त्र सहित कई वस्तुएं शामिल रहते थे।

Share.

Comments are closed.

Exit mobile version