बजट : वित्त मंत्री ने किये पांच बड़े एलान, स्टैंडर्ड डिडक्शन बढ़ा और लीव एनकैशमेंट पर भी फायदा
आजाद सिपाही संवाददाता
नयी दिल्ली। दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में वेतनभोगी मध्यमवर्ग के लिए सबसे तकलीफदेह होता है आयकर। इस मध्यम वर्ग के लिए कम से कम इनकम टैक्स के मामले में कुछ अच्छे दिन आते दिख रहे हैं। वजह है वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के बजट भाषण में आयकर को लेकर पांच बड़े एलान। बुधवार को संसद में पेश बजट में उन्होंने वेतनभोगियों को बड़ा तोहफा देते हुए सात लाख तक की आय को करमुक्त किये जाने की घोषणा की। अभी जिनकी पांच लाख रुपये की कर योग्य आमदनी है, उन्हें दोनों कर व्यवस्था में कोई टैक्स नहीं देना होता था। अब यह लिमिट सात लाख रुपये होगी। छूट की यह सीमा नयी कर व्यवस्था में बढ़ायी गयी है। पुरानी व्यवस्था के स्लैब में बदलाव को लेकर कोई एलान नहीं किया गया है। नयी व्यवस्था में आयकर में छूट की शुरूआती सीमा को बढ़ाकर तीन लाख रुपये कर दिया गया है। पहले यह सीमा ढाई लाख रुपये थी।
क्या होगा फायदा: इससे नयी व्यवस्था में शामिल होने वाले करदाताओं को बड़ी राहत मिलेगी। किसी व्यक्ति की अगर सालाना आमदनी नौ लाख रुपये है, तो उसे 45 हजार रुपये ही टैक्स देना होगा। यह उसकी आमदनी का पांच फीसदी ही होगा। उसे 25 फीसदी कम टैक्स देना होगा। पहले जहां उसे 60 हजार रुपये टैक्स देना होता था, अब उसकी जगह 45 हजार ही टैक्स देना होगा। इसी तरह अगर किसी की 15 लाख की सालाना आमदनी है, तो उसे डेढ़ लाख रुपये ही टैक्स देना होगा। यह उसकी आमदनी का 10 फीसदी होगा। उसे अब 20 फीसदी कम टैक्स चुकाना होगा। पहले उसे एक लाख 87 हजार पांच सौ रुपये टैक्स देना होता था।
वित्त मंत्री द्वारा पेश बजट के अनुसार पेंशनरों, फैमिली पेंशनरों और तय वेतन पाने वाले लोगों को नयी व्यवस्था में स्टैंडर्ड डिडक्शन में थोड़ी राहत मिलेगी। अगर आपकी आय 15.58 लाख रुपये या उससे ज्यादा है, तो स्टैंडर्ड डिडक्शन में 52 हजार पांच सौ रुपये का फायदा होगा। पहले स्टैंडर्ड डिडक्शन 50 हजार रुपये था।
इसके अलावा सबसे ज्यादा आमदनी वालों के लिए टैक्स रेट 42.74 फीसदी है, जो दुनिया में सबसे ज्यादा था। इसे अब घटाकर 37 फीसदी किया जा रहा है। अब यह भी जान लेते हैं कि यह फायदा मिलेगा कैसे? दरअसल, सुपर रिच लोगों के लिए हायर सरचार्ज रेट को 37 फीसदी से घटाकर 25 फीसदी किया जा रहा है। इस तरह पहले 42.74 फीसदी लगने वाला सुपर रिच टैक्स अब 37 फीसदी होगा।
इसके अतिरिक्त गैर-सरकारी वेतनशुदा कर्मचारियों को रिटायरमेंट पर लीव एनकैशमेंट में आयकर छूट की सीमा 2002 में तीन लाख रुपये तय की गयी थी। उस वक्त सरकार में उच्चतम मूल वेतन 30 हजार रुपये होता था। इस सीमा को बढ़ाकर 25 लाख रुपये किया जा रहा है। यानी 25 लाख रुपये तक के लीव एनकैशमेंट पर टैक्स नहीं लगेगा।
इनकम टैक्स से जुड़ीं अन्य घोषणाएं
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट पेश करते हुए कहा कि नयी इनकम टैक्स व्यवस्था को डिफॉल्ट व्यवस्था बना दिया जाएगा, लेकिन पुरानी व्यवस्था में भी जा सकेंगे। उन्होंने कहा कि आयकर रिटर्न 2013-14 में 93 दिन में प्रोसेस हो रहे थे, अब 16 दिन में ही हो रहे हैं। 45 फीसदी रिटर्न तो 24 घंटे में ही प्रोसेस कर दिये गये। टैक्स पोर्टल पर एक दिन में अधिकतम 72 लाख रिटर्न प्राप्त हुए थे।