नई दिल्ली। ऑपरेशन दोस्त’ के तहत भारत से भेजी गई राहत सामग्री बुधवार को तुर्किये और सीरिया पहुंच गई। सोमवार को शुरू किया गया यह अभियान भारत ने बुधवार को भी जारी रखा है। भारत से भेजी गई 6 टन से अधिक आपातकालीन राहत सामग्री आज सीरिया के दमिश्क हवाई अड्डे पर पहुंची, जिसके बाद भारतीय एनडीआरएफ की टीमों ने गजियांटेप में खोज और बचाव अभियान शुरू कर दिया है। वायुसेना के विमान पाकिस्तान की बजाय गुजरात के रास्ते तुर्किये और सीरिया जा रहे हैं।
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बुधवार को कहा कि ‘ऑपरेशन दोस्त’ के तहत भारत से अब तक पांच विमान भेजे जा चुके हैं। दो विमान एनडीआरएफ टीमों के साथ और दो फील्ड अस्पतालों के साथ तुर्किये भेजे गए हैं। एक को दवाई लेकर सीरिया भेजा गया है। ‘ऑपरेशन दोस्त’ के तहत भारतीय एनडीआरएफ की दो टीमें गजियांटेप पहुंच गई हैं और खोज और बचाव अभियान शुरू कर दिया है। एनडीआरएफ का खोज और बचाव दल प्रशिक्षित डॉग स्क्वायड, चिकित्सा आपूर्ति, ड्रिलिंग मशीन और अन्य आवश्यक उपकरणों के साथ भूकंप राहत सामग्री के साथ पहले जत्थे के रूप में तुर्किये के लिए रवाना हुआ था।
उत्तर पश्चिमी सीरिया में बड़े पैमाने पर विनाश और बहुमूल्य जीवन की हानि के कारण हुए भूकंप के मद्देनजर भारत ने दूसरे जत्थे के रूप में 06 फरवरी को भारतीय वायु सेना के विशेष विमान से सीरिया में 6 टन आपातकालीन राहत सहायता भेजी। यह खेप बुधवार सुबह दमिश्क हवाई अड्डे पर पहुंचा, जहां सीरिया के स्थानीय प्रशासन और पर्यावरण के उप मंत्री मुताज डौजी को भारत के कमांडर एस के यादव ने सौंपी। इस खेप में पोर्टेबल ईसीजी मशीनों सहित आपातकालीन दवाएं और उपकरण शामिल हैं।
भारत ने तुर्किये के लिए 07 फरवरी को मानवीय सहायता और आपदा राहत के हिस्से का चौथा बैच भारतीय सेना की चिकित्सा टीम के 54 सदस्यों सहित भेजा। इसमें सुरक्षात्मक गियर, आपातकालीन उपयोग की दवाएं, ईसीजी मशीन और अन्य चिकित्सा सामग्री के 3 ट्रक लोड शामिल थे। गाजियाबाद के हिंडन हवाई अड्डे से रवाना हुए वायुसेना के इस चौथे विमान में फील्ड अस्पताल के शेष हिस्से के अलावा क्रिटिकल केयर विशेषज्ञ, सर्जन के साथ एक्स-रे मशीन, वेंटिलेटर और अन्य आवश्यक उपकरण भेजे गए।
इस बीच, राहत एवं सहायता सामग्री लेकर तुर्किये और सीरिया जा रहे विमानों के बारे में भारतीय वायु सेना ने स्पष्ट किया है कि मानक संचालन प्रक्रिया के अनुसार उसके विमानों ने पाकिस्तान के ऊपर उड़ान भरने से परहेज किया है। पाकिस्तान के ऊपर से उड़ान न भरना हमारी मानक संचालन प्रक्रिया है। हमारे विमान यूरोप या पश्चिम एशिया की ओर जाते समय पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र से बचने के लिए गुजरात की तरफ से उड़ान भरते हुए लंबा रास्ता तय करते हैं। वायु सेना का यह बयान उन अटकलों के बाद आया है कि पाकिस्तान ने तुर्किये और सीरिया को राहत सामग्री भेजने के लिए भारतीय वायु सेना को अपना हवाई क्षेत्र देने से इनकार कर दिया है।
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