नई दिल्ली। महान संत गुरु रविदास की जयंती पर रविवार को राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। साथ ही देशवासियों से उनकी सामाजिक समरसता से जुड़ी शिक्षाओं को अपने जीवन में ढालने की अपील की है। राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू ने कहा कि श्रम को ही ईश्वर मानने वाले संत रविदास ने सबके उत्थान तथा जाति-धर्म के भेदभाव से मुक्त समतामूलक समाज की कल्पना की थी। सभी देशवासी उनकी सामाजिक समरसता की शिक्षाओं को अपने जीवन में ढालें, यही उनकी कामना है।
वहीं उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने कहा कि संत-कवि गुरु रविदास जी ने अपने लेखन के माध्यम से मानवता को एकता और सार्वभौमिक भाईचारे का सही मार्ग दिखाया। हमारी सांस्कृतिक विरासत के संवर्धन में उनका योगदान आने वाली पीढ़ियों के लिए एक मार्गदर्शक प्रकाश होगा।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि संत रविदास जी की जयंती पर वे उन्हें नमन करते हैं। आगे प्रधानमंत्री ने कहा कि हम उनके महान संदेशों का स्मरण करते हैं। इस अवसर पर उनके विचारों के अनुरूप न्यायप्रिय, सौहार्दपूर्ण और समृद्ध समाज के अपने संकल्प को दोहराते हैं। उनके मार्ग पर चलकर ही हम कई पहल के जरिए गरीबों की सेवा और उनका सशक्तिकरण कर रहे हैं।
कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि समरसता और आपसी भाईचारे को ही सच्चा धर्म मानने वाले महान समाज सुधारक और कवि संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की जयंती पर सभी देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं। संत रविदास जी ने सामाजिक कुरीतियों को दूर करने के लिए अपनी रचनाओं के माध्यम से समाज में एक नई चेतना जगाई।