रांची। झारखंड में चंपाई सोरेन की नेतृतव वाली सरकार के मंत्रिमंडल का विस्तार 16 फरवरी को होगा। नए मंत्रिमंडल में चार से पांच नए चेहरे शामिल हो सकते हैं। इनमें दो मंत्रियों को डिप्टी सीएम का दर्जा मिलेगा। कांग्रेस कोटे से मंत्रियों का बदला जाना तय है। फिलहाल, चंपई सोरेन कैबिनेट में कांग्रेस कोटे से आलमगीर आलम और राजद के सत्यानंद भोक्ता को मंत्री पद पर जगह मिल चुकी है। सूत्रों के मुताबिक, झामुमो की तरफ से मंत्रियों की लिस्ट तैयार हो चुकी थी, लेकिन कांग्रेस में खटपट ने मामला उलझा दिया। इसी का नतीजा है कि 8 फरवरी को शपथ ग्रहण समारोह नहीं हो सका। मुख्यमंत्री चंपई सोरेन को अपरिहार्य कारणों का हवाला देकर राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन से आग्रह करना पड़ा कि कैबिनेट के विस्तार के लिए 16 फरवरी की तारीख तय की जाए।

कांग्रेस के 17 विधायकों में से चार महिलाएं

बता दें कि राज्य में कांग्रेस के 17 विधायकों में से चार महिलाएं हैं। इनमें से किसी एक को हेमंत सोरेन सरकार के वक्त से ही मंत्रिमंडल में जगह देने की मांग उठती रही है। कांग्रेस कोटे के मंत्रियों के नाम पर अंतिम फैसला दिल्ली में पार्टी आलाकमान करेगी। आज शाम तक स्थिति स्पष्ट हो सकती है। जेएमएम में हेमंत सोरेन के छोटे भाई बसंत सोरेन और भाभी सीता सोरेन दोनों की मंत्री पद पर दावेदारी है, लेकिन इनमें से किसी एक को ही जगह मिलने की संभावना है। झारखंड में विधायकों का जो संख्या बल है, उसके हिसाब से मंत्रिमंडल में अधिकतम 12 मंत्री हो सकते हैं। हेमंत सोरेन की सरकार में 11 मंत्री ही थे।

हेमंत कैबिनेट में ये सभी मंत्री थे 

हेमंत सोरेन कैबिनेट जो चेहरे शामिल थे वो हैं, रामेश्वर उरांव, आलमगीर आलम, बादल पत्रलेख, बन्ना गुप्ता, चंपाई सोरेन, जोबा मांझी, मिथिलेश ठाकुर, हफीजुल हसन, सत्यानंद भोक्ता और बेबी देवी। अब देखने वाली बात होगी कि चंपाई सोरेन मंत्रिमंडल में इनमे से किनको दोबारा एंट्री मिलती है और किसे नहीं। कई नेताओं की धड़कन बढ़ी हुई है। कुछ ने उम्मीदें पाल रखी हैं तो कुछ हताश भी नजर आ रहे हैं।

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