रांची। झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के तीसरे दिन मंगलवार को वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव ने राज्य का बजट पेश किया, जिसमें बाल बजट का नया कॉन्सेप्ट लाया गया है। अर्थशास्त्री हरिश्वर दयाल ने बजट की सराहना करते हुए कहा कि बजट के आकार में हो रही वृद्धि से राज्य पर बोझ पड़ने की संभावना नहीं है। उन्होंने कहा कि बेहतर ऋण प्रबंधन होने से इसका कोई असर नहीं पड़ेगा। क्योंकि, वर्तमान राज्य सरकार के द्वारा सिंकिंग फंड में लगातार निवेश किया जा रहा है।

दयाल ने कहा कि आम तौर पर महिला एवं अन्य सेक्टर पर बजट में फोकस रहता था और इस बार भी कई योजनाएं हैं लेकिन बच्चों के लिए पहली बार इस तरह के प्रयास किए गए हैं। 2024-25 के लिए तैयार की गई आउटकम बजट की कुल 216 योजनाओं में से बच्चों से संबंधित लगभग 80 योजनाओं के आधार पर बाल बजट तैयार किया गया है, जिसमें 8 हजार 8 सौ 66 करोड़ 69 लाख रुपये की राशि उपबंधित की गई है। यह राशि आउटकम बजट के अंतर्गत दिए गए योजनाओं के लिए कुल उपबंधित राशि का लगभग 18 प्रतिशत है तथा राज्य के कुल योजना आकार का लगभग 11 प्रतिशत है।

दयाल ने कहा कि बच्चे हमारे समाज के महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, जिनके लिए बजटीय प्रावधान किए गए हैं। इससे आकलन करने में सहूलियत होगी। साथ ही कहा कि वित्तीय वर्ष 2019-20 की तुलना में बजट का आकार 2024-25 में 51 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 01 लाख 28 हजार 900 करोड़ रुपये का है। ऐसे में लगातार राज्य का बजट आकार में वृद्धि हो रही है।

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