कर्मचारी संघ ने सीएम चंपाई सोरेन से लगायी फरियाद
रांची। राज्य के लैंपस-पैक्स कर्मियों के सामने लगातार चुनौती खड़ी हो रही है। झारखंड राज्य लैंपस-पैक्स कर्मचारी संघ के मुताबिक कर्मियों को सरकार द्वारा निर्धारित दर पर न्यूनतम मजदूरी का भुगतान भी नहीं हो रहा है। स्थायीकरण नहीं किया गया है। यह सब तब है जब झारखंड हाइकोर्ट से भी इस संबंध में कहा जा चुका है। मार्च 2018 में कोर्ट ने आदेश देते हुए लैंपस-पैक्स में नियमित रूप से कार्यरत कर्मियों को न्यूनतम दर पर मजदूरी भुगतान को निबंधक सहयोग समितियां को कहा था। समान कार्य के लिए समान वेतन दिये जाने को भी कहा था। इस पर अब तक अंतिम रूप से काम नहीं होने से कर्मियों और उनके परिजनों के सामने भुखमरी तक का संकट आ गया है। अब सीएम चंपाई सोरेन से फरियाद लगायी गयी है। झारखंड राज्य लैंपस-पैक्स कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष राजेश कुमार दत्ता के मुताबिक लैंपस-पैक्स के कई कर्मी वर्षों से किसानों के हित में सरकार या विभाग द्वारा संचालित योजनाओं का कार्य करते आ रहे हैं। किसानों को लोन दिलाना, लोन की वसूली, खाद-बीज मुहैया कराना, किसानों का पंजीयन कराना, धान अधिप्राप्ति करना, जमावृद्धि व्यवसाय करना, फसल बीमा कराना सहित कई काम किये जाते हैं। बावजूद इसके किसान हित में कई कार्यों को कर रहे कर्मियों को अब तक सरकार के द्वारा न्यूनतम मजदूरी का भुगतान नहीं हुआ है। सरकार को चाहिए कि वह लैंपस-पैक्स की उप विधि में संशोधन करे, कर्मियों के लिए नियमावली बना कर उन्हें स्थायी करने की दिशा में पहल करे।
कोर्ट के द्वारा पारित आदेश के आधार पर बजटीय प्रावधान के तहत न्यूनतम मजदूरी मिले। पड़ोसी राज्य पश्चिम बंगाल में कर्मियों को विभाग के द्वारा वेतनमान दिया जाता है। यहां आंगनबाड़ी वर्कर, सहिया, जल सहिया को मानदेय है, पर लैंपस-पैक्स के कर्मियों को नहीं। राज्य सरकार इस पर आगे बढ़े, वरना संघ धरना प्रदर्शन के लिए मजबूर होगा।