सहरसा। कोसी क्षेत्र के चर्चित ज्योतिषाचार्य पंडित तरुण झा के अनुसार माघ महीने शुक्ल पक्ष की पंचमी को सरस्वती पूजा के रूप में मनाया जाता है। इस दिन को वसंत पंचमी के तौर पर मनाने की भी परंपरा है। ऐसा माना जाता है कि माघ शुक्ल पंचमी के दिन देवी सरस्वती की पूजा विशेष फलदायी होती है और इस दिन माँ शारदा के पूजन का बहुत महत्व है।14 फरवरी बुधवार को माँ शारदे की पूजा होगी।

इस दिन भगवान श्री गणेश की पूजा के उपरान्त कलश स्थापना कर देवी सरस्वती का पूजन आरंभ करने का विधान है।सरस्वती स्तोत्र का पाठ देवी की प्रसन्नता और आशीर्वाद प्राप्ति के लिए किया जाना चाहिए।मां सरस्वती को बागीश्वरी,भगवती,शारदा, वीणावादिनी और वाग्देवी आदि कई नामों से भी जाना जाता है।

सरस्वती पूजन शुभ मुहूर्त

मिथिला विश्वविद्यालय पंचांग के अनुसार

सूर्योदय से 09.14 AM

10.38 AM से 11.59 AM

01.25 PM से 05.52 तक़

Share.

Comments are closed.

Exit mobile version