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    Home»विशेष»भव्य, भावना और भक्ति की भीड़ ने दिखा दिया, यह एकता का पर्व है, यह महाकुंभ है
    विशेष

    भव्य, भावना और भक्ति की भीड़ ने दिखा दिया, यह एकता का पर्व है, यह महाकुंभ है

    shivam kumarBy shivam kumarFebruary 4, 2025No Comments9 Mins Read
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    महाकुंभ भारत की सांस्कृतिक विविधता में एकता और समता का सबसे बड़ा प्रदर्शन स्थल
    वसंत पंचमी के दिन दो करोड़ श्रद्धालुओं ने लगायी डुबकी, सुबह 3 बजे से मॉनिटरिंग कर रहे थे योगी
    कह रहे श्रद्धालु व्यवस्था बेहतरीन, कोई अव्यवस्था और परेशानी नहीं
    महाकुंभ भारत की सांस्कृतिक विविधता में समायी हुई एकता और समता के मूल्यों का सबसे बड़ा प्रदर्शन स्थल है, जिसे दुनिया भर से आये पर्यटक देख कर आश्चर्यचकित हैं। कैसे अलग-अलग भाषाई, रहन-सहन, रीति-रिवाज को मानने वाले एकता के सूत्र में बंधे संगम में स्नान करने चले आते हैं। साधु-संन्यासियों के अखाड़े हों या तीर्थराज के मंदिर और घाट, बिना रोक टोक श्रद्धालु दर्शन-पूजन करने जा रहे हैं। संगम क्षेत्र में चल रहे अनेक अन्न भंडार, सभी भक्तों, श्रद्धालुओं के लिए दिन रात खुले हैं, जहां सभी लोग एक साथ पंगत में बैठ कर भोजन ग्रहण कर रहे हैं। महाकुंभ मेले में भारत की विविधता इस तरह समरस हो जाती है कि उनमें किसी तरह का भेद कर पाना संभव नहीं है। प्रयागराज का महाकुंभ विश्व का सबसे बड़ा मानवीय और आध्यात्मिक सम्मेलन है। यूनेस्को ने महाकुंभ को मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत घोषित किया है। सीएम योगी का मानना है कि महाकुंभ भारत की सांस्कृतिक विविधता में समायी हुई एकता और समता के मूल्यों का सबसे बड़ा प्रतीक है। यहां सब एक समान हैं। करोड़ों लोग बिना किसी भेदभाव के एक साथ त्रिवेणी संगम में डुबकी लगा रहे हैं। यहां जात-पात के बंधन में लोग बंटे हुए नहीं हैं, यहां सभी सनातनी हैं। सनातन का परचम बुलंद कर रहे हैं। जो सनातन से अवगत नहीं हैं, वे भी सनातन संस्कृति से प्रभावित हो भाव विभोर हो रहे हैं, कह रहे हैं, हरे राम, हरे राम, राम-राम हरे-हरे, हरे कृष्ण, हरे कृष्ण, कृष्ण-कृष्ण हरे-हरे। हर-हर महादेव का उद्घोष भी करते दिख रहे हैं। वहां मौजूद कई श्रद्धालु, समस्त साधु, संन्यासियों का आशीर्वाद ले रहे हैं, मंदिरों में दर्शन कर अन्न क्षेत्र में एक ही पंगत में बैठ कर भंडारों में खाना खा रहे हैं। भारत की सांस्कृतिक विरासत और आध्यात्मिक शक्ति महाकुंभ के इस बार के अद्भुत आयोजन ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का मान बढ़ाया है। महाकुंभ में दुनिया भर के कई देशों के नागरिकों ने भाग लिया और भारत की संस्कृति को अनुभव किया। विदेशी श्रद्धालु भारत की सनातन संस्कृति से गहरे प्रभावित हुए और परिवार के साथ गंगा में स्नान किया। अमृत स्नान पर महाकुंभ नगर में एकता का महाकुंभ नजर आया। यहां भारत की सनातन संस्कृति से अभिभूत विदेशी नागरिकों ने परिवार के साथ पहुंच कर गंगा स्नान किया। जय श्री राम, हर हर गंगे का नारा लगा कर लोग उत्साह से लबरेज नजर आये। महाकुंभ में वसंत पंचमी के दृश्य का विस्तार से वर्णन कर रहे हैं आजाद सिपाही के विशेष संवाददाता राकेश सिंह।

    हर-हर महादेव का जयघोष करते संतों ने लगायी डुबकी
    महाकुंभ का सोमवार को 22वां दिन था। वसंत पंचमी के मौके पर करीब दो करोड़ श्रद्धालुओं ने स्नान कर लिया था। 13 जनवरी से अब तक करीब 35 करोड़ से ज्यादा लोग डुबकी लगा चुके हैं। सोमवार को वसंत पंचमी पर महाकुंभ का तीसरा और अंतिम अमृत स्नान पूरा हुआ। हाथों में तलवार-गदा, डमरू और शंख, शरीर पर भभूत, घोड़े और रथ की सवारी और हर-हर महादेव का जयघोष करते हुए साधु-संत स्नान के लिए संगम पहुंचे। हर-हर गंगे, बम-बम भोले और जय श्रीराम के गगनभेदी उद्घोष से महाकुंभ क्षेत्र गूंज उठा है। महाकुंभ के तीसरे और आखिरी अमृत स्नान पर्व पर अखाड़ों ने संगम में डुबकी लगायी। भोर में साढ़े चार बजे सबसे पहले महानिर्वाणी के संतों ने त्रिवेणी में स्नान किया। इसके बाद पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी और फिर श्री पंच दशनाम जूना अखाड़े ने अमृत स्नान किया। जूना अखाड़े में नागाओं की भारी फौज रही। जूना अखाड़े में किन्नर अखाड़ा भी शामिल रहा। संतों का आशीर्वाद लेने के लिए लाखों श्रद्धालु संगम पर उपस्थित रहे। लोग नागा साधुओं की चरण रज माथे पर लगा रहे थे। चाहे लाल मार्ग हो या काली मार्ग या फिर त्रिवेणी मार्ग। हर तरफ से भक्ति का सागर संगम में मिलने के लिए उमड़ रहा था। मौनी अमावस्या स्नान पूर्व, हादसे से सबक लेते हुए इस बार अमृत स्नान के लिए अखाड़ों के लिए सेफ कॉरिडोर बनाया गया था, ताकि शाही सवारियां निकलने के दौरान उस रास्ते पर कोई आम श्रद्धालु प्रवेश न कर सके। कुंभ मेला प्रशासन ने भीड़ को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद कर दी। विश्व के सबसे बड़े आध्यात्मिक और सांस्कृतिक समागम में वसंत पंचमी पर संगम में डुबकी लगाने के लिए श्रद्धालुओं में उत्साह देखते बन रहा था।

    हेलिकॉप्टर से भीड़ की मॉनिटरिंग
    30 से ज्यादा देशों के लोग भी अमृत स्नान देखने के लिए संगम पहुंचे हुए हैं। हेलिकॉप्टर से संगम पर 20 क्विंटल फूल भी बरसाये गये। संगम जाने वाले सभी रास्तों पर 10 किमी तक श्रद्धालुओं का रेला रहा। प्रयागराज जंक्शन से 8 से 10 किमी पैदल चल कर लोग संगम पहुंच रहे हैं। भीड़ को देखते हुए लेटे हनुमान मंदिर को बंद कर दिया गया। मेला क्षेत्र के सभी रास्ते वन-वे हैं। वहीं महाकुंभ मेले में 60 हजार से ज्यादा जवान तैनात हैं। भीड़ संभालने के लिए 100 से ज्यादा नये आइपीएस को भी उतारा गया है। लगातार हेलिकॉप्टर से भीड़ की मॉनिटरिंग की जा रही है। मेला क्षेत्र में 2750 सीसीटीवी भी लगाये गये हैं। लखनऊ में सीएम आवास में कंट्रोल रूम बनाया गया है। डीजीपी, प्रमुख सचिव गृह और सीनियर अफसरों के साथ उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ तड़के 3 बजे से खुद मॉनिटरिंग कर रहे थे। रेलवे स्टेशन जाने वाले रास्ते पर पुलिसकर्मी लगातार अनाउंसमेंट कर रहे थे। वे श्रद्धालुओं को स्टेशन और मेला क्षेत्र की दूरी बता रहे थे। महाकुंभ मेले में बसंत पंचमी के तीसरे अमृत स्नान के अवसर पर स्वच्छता के विशेष प्रबंध किये गये। सीएम योगी के निर्देशन में मेला क्षेत्र को स्वच्छ और सुरक्षित रखने का लक्ष्य सफलतापूर्वक पूरा किया जा रहा है। 4200 हेक्टेयर में फैले विशाल मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 44 घाट बनाये गये हैं। इन घाटों की स्वच्छता के लिए 15,000 सफाई मित्र और 2500 से अधिक गंगा सेवा दूत लगातार कार्यरत हैं। वसंत पंचमी के अवसर पर मेला प्राधिकरण ने विशेष सफाई अभियान भी चलाया। वसंत पंचमी के अमृत स्नान पर एडीजी प्रयागराज भानु भास्कर ने कहा कि वसंत पंचमी स्नान को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए सुरक्षा बलों ने बहुत प्रयास किया। मौनी अमावस्या पर श्रद्धालुओं की इतनी अप्रत्याशित संख्या उमड़ी थी, जो पहले कभी नहीं देखी गयी। जो दुर्घटना हुई, उससे उत्तरप्रदेश पुलिस और प्रशासन को बहुत दुख पहुंचा है। दुर्घटना के कारणों की समीक्षा की गयी और समाधान सुझाये गये। हमने उन समाधानों को लागू किया और वसंत पंचमी स्नान सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

    संसद में विपक्ष ने किया हंगामा
    संसद में बजट सेशन के तीसरे दिन सोमवार को महाकुंभ में भगदड़ से हुई मौतों को लेकर विपक्ष ने दोनों सदनों में जम कर हंगामा किया। कांग्रेस, सपा समेत तमाम विपक्षी दलों ने सरकार पर मौत का आंकड़ा छिपाने का आरोप लगाया। सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और मौतों की सही जानकारी देने की मांग की। राज्यसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि 29 जनवरी को महाकुंभ में हुई भगदड़ में मारे गये हजारों लोगों को मेरी श्रद्धांजलि। राज्यसभा के सभापति और उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने उन्हें हजारों लोगों की मौत वाले बयान को वापस लेने को कहा। जवाब में खड़गे ने कहा कि, यह मेरा अनुमान है। अगर आंकड़े सही नहीं हैं तो सरकार को बताना चाहिए कि सच्चाई क्या है। मैंने किसी को दोषी ठहराने के लिए हजारों नहीं कहा, लेकिन कितने लोग मारे गये, यह जानकारी तो दीजिए। अगर मैं गलत हूं तो मैं माफी मांगूंगा।

    सोशल मीडिया की अफवाहें निकली झूठी, लोगों ने कहा कोई अव्यवस्था और परेशानी नहीं
    सनातन आस्था के महापर्व प्रयागराज महाकुंभ मेला 2025 में सोमवार को करीब दो करोड़ की संख्या में श्रद्धालुओं ने वसंत पंचमी पर अमृत स्नान किया। कर्नाटक, महाराष्ट्र, गुजरात, ओड़िशा के साथ प्रदेश के अलग-अलग शहरों से करोड़ों की संख्या में श्रद्धालुओं ने सुबह से प्रयागराज आकर पवित्र त्रिवेणी में आस्था की डुबकी लगायी। दो से तीन हजार किलोमीटर की दूरी तय करके श्रद्धालु संगम में अमृत स्नान करने आये। श्रद्धालुओं का कहना था कि महाकुंभ का इतना विशाल और भव्य आयोजन उन्होंने इससे पहले कभी नहीं देखा है, सभी श्रद्धालु सुगम और सुव्यवस्थित संगम स्नान कर यूपी की योगी सरकार का धन्यवाद कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर फैली अफवाहों को श्रद्धालुओं ने पूरी तरह झूठ बताया। महाकुंभ मेला में वसंत पंचमी का अमृत स्नान हो रहा है। करोड़ों की संख्या में श्रद्धालु देश के कोने-कोने से प्रयागराज आ रहे हैं और पवित्र त्रिवेणी में स्नान कर स्वयं को धन्य महसूस कर रहे हैं। महाकुंभ में वसंत पंचमी के अमृत स्नान का विशेष महत्व है। ब्रह्म मुहूर्त से ही श्रद्धालु अखाड़ों के अमृत स्नान के साथ संगम स्नान कर रहे हैं। श्रद्धालुओं का कहना है कि महाकुंभ को लेकर सोशल मीडिया में जो अफवाहें फैलायी जा रही हैं, वे पूरी तरह निराधार हैं। प्रशासन की व्यवस्था और महाकुंभ का दिव्य भव्य आयोजन अविस्मरणीय है। कर्नाटक के हुबली से आये एक श्रद्धालु का कहना था कि महाकुंभ में सभी व्यवस्थाएं बहुत अच्छी हैं, स्नान करने में किसी तरह की दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ा। उनके साथ आये लोगों का कहना था कि महाकुंभ का उनका अनुभव यादगार रहा। मुंबई से आये शुक्ला जी का कहना था कि वह तीन हजार किलोमीटर दूर से संगम स्नान करने आये थे, महाकुंभ में सभी व्यवस्थाएं बहुत ही अच्छी हैं। पास में मौजूद कुछ लोगों का कहना था कि संगम तट तक पहुंचने में उन्हें कोई दिक्कत नहीं हुई। इतने ज्यादा लोगों की व्यवस्था करना और इतना बड़ा आयोजन करवाना अपने आपमें अद्भुत है। हम लोग सीएम योगी के शुक्रगुजार हैं कि उनकी वजह से सनातन का ऐसा दिव्य भव्य महाकुंभ देखने को मिला। परिवार के साथ महाराष्ट्र से आये एक श्रद्धालु का कहना था कि महाकुंभ की व्यवस्था दिव्य और भव्य है। हम अपने पूरे परिवार के साथ आये हैं। मेरे साथ मेरा 9 साल का बेटा भी संगम स्नान करने आया है। हमें संगम स्नान करने में कोई भी परेशानी नहीं हुई, पुलिस प्रशासन के लोगों का व्यवहार भी सराहनीय है। लखनऊ से रस्तोगी जी का कहना था कि व्यवस्था पूरी तरह चाक-चौबंद है। लोग आसानी से संगम में स्नान कर रहे हैं। सोशल मीडिया में जो अफवाहें फैलायी जा रही हैं, वे पूरी तरह गलत है। यहां संगम में करोड़ों श्रद्धालु स्नान कर रहे हैं। किसी तरह की कोई अव्यवस्था और परेशानी नहीं है।

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