आजाद सिपाही संवाददाता
गुमला। उपायुक्त गुमला शशि रंजन द्वारा आयोजित साप्ताहिक जनता दरबार में विशुनपुर प्रखंड के निरासी बोरहा गांव के ग्रामीणों ने उपायुक्त को आवेदन सौंपकर विद्युत, सड़क, पुल-पुलिया सहित अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की गुहार लगायी है। आवेदन में ग्रामीणों ने बताया है कि विद्युत आपूर्ति के लिए पोल और तार लगाया गया है परंतु अभी तक बिजली की आपूर्ति गांव में नहीं किया जा सका है। साथ ही ग्रामीणों ने बताया है कि कच्चा सड़क होने के कारण गांव के ग्रामीणों को आवागमन में कठिनाईयों का सामना करना पड़ता है खासकर वर्षा ऋतु के मौसम में काफी कठिनाईयों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने बताया है कि निरासी गांव में पांच टोला है, उक्त पांचों टोला को जोड़ते हुए पीसीसी रोड तथा छापर नाली में पुल की आवश्यकता है। साथ ही आवरा टोली से निरासी बोरहा आने-जाने में 07 किलोमीटर की फासला है, बीच में एक बड़ी घाघरा नदी पड़ती है। बरसात के मौसम में काफी कठिनाईयां होती है, उन्होंने उपायुक्त से पुल निर्माण कराने की गुहार लगायी है।
साथ ही ग्रामीणों ने गांव में उच्च शिक्षा की कमी के कारण यहां के बच्चे प्राथमिक शिक्षा लेकर आगे की शिक्षा नहीं मिल पाती है, उन्होंने उच्च विद्यालय की मांग करते हुए सरकारी शिक्षक उपलब्ध कराने की अपील की है। एक अन्य मामला में करौंदी गांव की ममता उरांव एवं घाघरा प्रखंड के कुर्राग गांव के महादेव गोप ने अपनी पुस्तैनी जमीन से बेदखल करने की शिकायत उपायुक्त से की है।
आवेदन में ममता उरांव ने बताया है कि मेरे स्वर्गीय पिता कर्मा उरांव के द्वारा जमीन को तिजा उरांव एवं तेम्बा उरांव को अधबटाई में कृषि कार्य करने के लिए दिया गया था और दोनों के द्वारा कृषि कार्य कर आधा हिस्सा दिया जाता था। परंतु पिता के स्वर्गवास के बाद मुझे एवं मेरे भाई को अपने जमीन में जाने से रोक दिया गया और हमारे अपने जमीन से बेदखल करने की बात बतायी है। वही महादेव गोप ने कई लोगों पर शिकायत करते हुए बताया है कि जान से मारने की धमकी देकर मेरे पैतृक खतियानी जमीन को हड़पा है। एक अन्य मामला में विशुनपुर प्रखंड के विशुनपुर गांव के छन्दु लोहरा ने उपायुक्त को दिये आवेदन में बताया है कि विशुनपुर में 45 वर्ष से रहते आ रहा हूं परंतु जिस जगह निवास कर रहा हंू। वहां के ग्रामीणों द्वारा कोई भी सरकारी कार्य नहीं करने दिया जाता है। उन्होंने बताया है कि वहां पे ग्रामीणों द्वारा सरकारी आवास, शौचालय या अन्य कोई भी सरकारी कार्य नहीं करने दिया जाता है। जिससे मानसिक रूप से परेशान होने की बात बताई है।
साथ ही जनता दरबार में आये कई मामलें की सुनवाई के लिए उपायुक्त ने संबंधित विभा गों के पदाधिकारियों को पत्र अग्रसारित करते हुए जल्द समस्या का निष्पादन करने का निर्देश दिया है। जनता दरबार के दौरान जिला नजारत उप समाहर्ता सिद्धांत शंकर चौधरी मौजूद थे।

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