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नयी दिल्ली। चेन्नई सुपरकिंग्स ने इंडियन प्रीमियर लीग (आइपीएल) के पिछले सीजन में दो साल बाद वापसी की थी। टीम पर मैच फिक्सिंग के आरोपों के कारण दो साल का निलंबन लगाया गया था। महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में टीम ने वापसी करते हुए तीसरी बार आइपीएल खिताब जीता। चेन्नई के निलंबन से वापसी तक के सफर को लेकर एक डॉक्यूमेंट्री ‘रॉर आॅफ द लॉयन बनायी गयी है। इसके 45 सेकंड के ट्रेलर में टीम के कप्तान धोनी ने कहा- उनके लिए सबसे बड़ा अपराध हत्या करना नहीं, बल्कि मैच फिक्सिंग करना होगा।
वापसी करना भावुक क्षण था: एमएस धोनी
ट्रेलर में धोनी ने कहा, टीम मैच फिक्सिंग में शामिल थी, मुझ पर भी आरोप लगे थे। यह हम सब के लिए कठिन दौर था। वापसी करना भावुक क्षण था और मैंने हमेशा ही कहा है, जिस चीज से आपकी मौत नहीं होती, वह आपको मजबूत बनाती है। डॉक्यूमेंट्री को 20 मार्च को हॉटस्टार पर रिलीज किया जायेगा।
स्पॉट फिंक्सिंग में फंसे थे मयप्प्न और कुंद्रा
2013 में स्पॉट फिक्सिंग विवाद में चेन्नई और राजस्थान रॉयल्स के मैनेजमेंट के रोल को संदिग्ध माना गया था। इसके बाद जुलाई 2015 दोनों टीमों को एकसाथ दो साल के लिए निलंबित कर दिया गया। राजस्थान के मालिक राज कुंद्रा और चेन्नई टीम के तत्कालीन सीईओ गुरुनाथ मयप्पन पर आजीवन प्रतिबंध लगाया गया था। राजस्थान और चेन्नई की जगह 2016 और 2017 में गुजरात लायंस और पुणे सुपरजाएंट्स की टीमें टूर्नामेंट में खेली थीं।