कोडरमा। झारखंड के पूर्व सीएम अर्जुन मुंडा ने कहा कि उनके लोस चुनाव लड़ने का निर्णय आलाकमान को लेना है। आलाकमान यदि लोस चुनाव लड़ाना चाहता है तो लड़ेंगे। उनकी मर्जी की यहां कोई बात नहीं है। उन्होंने कहा कि हर कोई चुनाव लड़ना चाहता है। मगर यह किसी की इच्छा पर नहीं है, पार्टी नेतृत्व को निर्णय लेना है। कहा कि भाजपा संगठन बड़ा है, इसमें लोकतांत्रिक प्रक्रिया है। किसी एक व्यक्ति के चाहने न चाहने से कुछ नहीं होता है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने पांच सालों में कई काम किये हैं। उन्होंने कहा कि काम से ही प्रधानमंत्री मोदी की पहचान देश एवं विदेशों में एक मजबूत नेता के तौर पर हुई है। पाकिस्तान पर नरेंद्र मोदी की नीति भारी पड़ी है। इसका असर लोकसभा चुनाव में पड़ेगा और भाजपा को जनता का भारी समर्थन मिलेगा। आतंकवाद के मामले पर पाक अलग-थलग पड़ गया है।
यह बात अलग है कि चीन ने आतंकवादी मसूद अजहर के मामले में सिर्फ विरोध ही नहीं किया है, बल्कि पूरी दुनिया में अपना चेहरा साफ किया कि उसकी मंशा क्या है। आतंकवाद से जूझ रहे अमेरिका हो अथवा भारत समेत अन्य देश, इस मामले में भारत का कई देशों ने समर्थन किया है। पूर्व सीएम अर्जुन मुंडा के जमशेदपुर या खूंटी लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने की अटकलें हैं। हालांकि अर्जुन मुंडा इस पर कुछ स्पष्ट तौर पर नहीं बोले। मुंडा 2009 में जमशेदपुर संसदीय सीट से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़े थे। वह झामुमो को हराकर यहां से सांसद चुने गये थे। बाद में झारखंड के सीएम बनने के बाद सांसद पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद 2011 में जमशेदपुर लोस उपचुनाव में झाविमो के टिकट पर डॉ अजय कुमार सांसद चुने गये थे।