कोडरमा। जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय संजय कुमार सिंह की अदालत ने मंगलवार को चंदवारा के बहुचर्चित शंकर साव हत्याकांड के मामले में मृतक के बहनोई शोभा साव को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अभियुक्त चन्दवारा थाना अंतर्गत सरदारोंडीह के निवासी है। ज्ञात हो कि मृतक शंकर साव को उसके बहनोई शोभा साव ने षड्यंत्र के तहत फोन कर मोटर साइकिल से चन्दवारा थाना अंतर्गत महतो अहरा के समीप बुलाया एवं टांगी से काट कर उसकी निर्मम हत्या कर दी। घटना में प्रयुक्त टांगी को शव के कुछ दुरी पर फेक दिया। मृतक के पिता प्रसादी साव के आवेदन पर 29 अक्टूबर 2016 को भादवि की धारा 302/201/34 के तहत चंदवारा थाना कांड स. 86/2016 दर्ज किया गया था। सत्रवाद स. 66/2017 के मामले में 19 अप्रैल 2018 को उपरोक्त अभियुक्त के विरुद्ध आरोप गठित किया गया।

न्यायालय ने इस कांड की गंभीरता को देखते हुए इसका त्वरित गति से विचारण करते हुए लगभग दो वर्ष में ही इस कांड में अहम् फैसला सुनाया। अभियोजन पक्ष की ओर से 12 गवाहों का परीक्षण कराया गया। अभियोजन पक्ष की ओर से लोक अभियोजक दिनेश चंद्रा एवं बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता विनय कुमार सिंह ने अपनी अपनी दलीलें पेश की। न्यायालय ने गवाहों द्वारा दिये गये बयान एवं अभिलेख पर उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर इस कांड के आरोपी शोभा साव को भारतीय दंड विधान की धारा 302 के तहत दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है तथा बीस हजार रुपए अर्थदंड लगाया है। अर्थदण्ड की राशि नहीं जमा करने पर छह महीने अतिरिक्त सश्रम कारावास की सजा दी गई है। वहीं धारा 201 के तहत दोषी पाते हुए पांच वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनायी है तथा दस हजार रुपए अर्थदंड लगाया है। अर्थदंड की राशि नहीं जमा करने पर तीन महीने अतिरिक्त सश्रम कारावास की सजा दी गयी है।

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