रांची। चारा घोटाले में सजायाफ्ता लालू यादव की जमानत याचिका पर शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट में लालू यादव की ओर से उनके वकील कपिल सिब्बल ने पक्ष रखा। इसके बाद प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने सीबीआई को नोटिस जारी कर दो हफ्तों के अंदर जवाब मांगा है। लालू रिम्स के पेइंग वार्ड में भर्ती है।
10 जनवरी को झारखंड हाइकोर्ट से जमानत याचिका खारिज होने के बाद लालू की ओर से 21 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की गयी थी। लालू ने कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) के जरिए चारा घोटाले के चाईबासा, देवघर और दुमका मामले में कोर्ट से जमानत की मांगी थी। उन्होंने याचिका में बढ़ती उम्र, बीमारियों का हवाला दिया था।
2018 से जमानत की मांग कर रहे लालू
झारखंड हाईकोर्ट ने 10 जनवरी 2019 को लालू प्रसाद की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। सुनवाई करते हुए जस्टिस अपरेश सिंह की अदालत ने फैसला सुनाया था कि जमानत के लिए दायर याचिका में लालू की ओर से कोई नया ग्राउंड नहीं दिया गया। इसी ग्राउंड पर पिछली बार उनकी याचिका खारिज की गयी थी। इसके अलावा उन्होंने सजा की आधी अवधि अभी जेल में नहीं बिताई है इसलिए उनकी याचिका अस्वीकार की जाती है।
जमानत की अवधि 6 हफ्ते बढ़ाने की अपील की थी
लालू की तरफ से दाखिल याचिका में कहा गया था कि देवघर, चाईबासा और दुमका कोषागार से अवैध निकासी मामले में इससे पहले भी उनको जमानत मिल चुकी है। लिहाजा उन्हें इस बार भी जमानत की दी जाये। सिब्बल ने मुंबई के हॉस्पिटल के लालू यादव की बीमारियों से संबंधित सर्टिफकेट भी पेश किये। जमानत की अवधि 6 हफ्ते और बढ़ाने की नयी याचिका में कहा गया था कि लालू गंभीर रूप से बीमार हैं। वह प्लेटलेट्स की कमी, ब्लड शुगर, ब्लड प्रेशर, हार्ट, किडनी और डिप्रेशन समेत कई गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं।
लालू की ओर से दायर याचिका में तीन बातों को आधार बनाया गया था। लालू के वकील की ओर से जिस पहली बात को आधार बनाया गया, उसमें कहा गया कि इसी मामले में अन्य दोषियों को जमानत मिल चुकी है, खुद लालू को भी पूर्व में जमानत मिली थी, लिहाजा बेल दी जाए। दूसरा लालू के मेडिकल ग्राउंड और तीसरा आधार उम्र को बनाया गया था।
2017 से जेल में हैं लालू यादव
लालू को चारा घोटाला के देवघर ट्रेजरी केस में 23 दिसम्बर 2017 को दोषी करार दिया था। तब से वह जेल में है। पिछले साल 17 मार्च को तबीयत बिगड़ने पर पहले रिम्स और फिर दिल्ली एम्स में भर्ती किया गया था। कोर्ट ने उन्हें 11 मई को इलाज के लिए छह हफ्ते की जमानत मंजूर की थी। इसे बढ़ाकर 14 और फिर 27 अगस्त तक किया। कोर्ट ने इसके बाद 30 अगस्त को लालू को कोर्ट में सरेंडर करने का निर्देश दिया था।