पटना और रांची के तमाड़ के बाद अब राजधानी के हिंदपीढ़ी स्थित एक मस्जिद में 17 विदेशी समेत 22 मौलाना मिले हैं। इनमें से कुछ केरल से लौटे हैं। पुलिस ने इन्हें हिरासत में लेकर आइसोलेशन के लिए खेलगांव भेज दिया है। इनमें से आठ मलयेशिया, दो वेस्ट इंडीज, पांच इंग्लैड और दो पोलैंड के हैं। शेष दिल्ली, हैदराबाद और कुर्ला के हैं। इनमें दो झारखंड के भी हैं। सभी को सोमवार तड़के पुलिस ने हिरासत में लिया गया। खेलगांव स्थित आइसोलेशन सेंटर में रिम्स की मेडिकल टीम इनकी जांच कर रही है। पुलिस इनके यहां आने की वजह और इनकी अब तक की गतिविधियों के बारे में पूरी जानकारी जुटा रही है। ये सभी खुद को धर्म प्रचारक बता रहे हैं। बताया जाता है कि सभी लोग जनवरी से ही यहां हैं। डीएसपी का कहना है कि ये सभी कथित धर्म प्रचारक हिंदीपीढ़ी में ग्वाल टोली के समीप स्थित बड़ी मस्जिद में थे। इससे पहले 18 मार्च को पटना में 13 और 19 मार्च को रांची के तमाड़ में 11 मौलाना हिरासत में लिये गये थे। ये सभी चीन, कजाकिस्तान और किर्गिस्तान से आये थे। मुसाबनी पुलिस केंद्र में उन सभी से पूछताछ चल रही है। उनसे पूछताछ के बाद सीबीआइ और एनआइए की टीम उत्तर प्रदेश के मेरठ समेत अन्य ठिकानों पर छापामारी कर रही है। देश के कई ठिकानों में जांच एजेंसियां छापेमारी कर छानबीन कर रही हैं। इस बीच, तमाड़ से गिरफ्तार 11 विदेशी मुसलमानों के झारखंड आने के राज खुलने लगे हैं। एनआइए और सीबीआइ ने इनसे घंटों पूछताछ के बाद उत्तर प्रदेश के मेरठ समेत कई ठिकानों पर छापेमारी की कार्रवाई शुरू कर दी है। सभी के पास पासपोर्ट एवं वीजा जब्त कर लिये गये हैं। रांची के ग्रामीण एसपी ऋषभ कुमार ने बताया कि सभी 11 मौलवियों को संदिग्ध मानते हुए जांच एजेंसियां इनकी कुंडली खंगाल रही हैं। उन्होंने बताया कि ये सभी मौलवी डेढ़ महीने से भारत में हैं।
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