- सीनियर पुलिस अधिकारी रखे हुए हैं नजर
- सब्जी बाजारों में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं
- राज्य की सीमाएं सील
आजाद सिपाही संवाददाता
रांची। झारखंड अगर लॉकडाउन कुछ हद तक सफल हो रहा है, तो इसका श्रेय पुलिस प्रशासन को जाता है। इस क्रम में पुलिस कहीं डंडा बरसा रही है, तो कहीं बाहर निकलनेवालों को उठक-बैठक भी करा रही है। लॉकडाउन सफल कराना जरूरी है, नहीं तो एक बार अगर कोरोना वायरस की चपेट में कोई झारखंडी आया, तो स्थिति भयावह हो सकती है। रांची में पुलिस को कई जगह सख्ती बरतनी पड़ रही है। सोमवार को 11 बजे दिन में लालपुर चौक पर पुलिस ने कई मोटरसाइकिल चलानेवाले युवकों पर लाठियां बरसायी। बूटी मोड़ में भी यही स्थिति थी। पंडरा में पुलिस के जवान कड़ाई से इसका पालन कर रहे थे। वहीं दूसरी ओर खादगढ़ा सब्जी बाजार, नागा बाबा खटाल सब्जी बाजार और लालपुर सब्जी बाजार में खरीददारों के बीच कोई फासला नहीं था। लोग आराम से सोशल डिस्टेंसिंग का उल्लंघन कर काफी नजदीक सट कर सब्जियां खरीद रहे थे। हरमू चौक में भी पुलिस को सख्ती बरतनी पड़ी। कुछ लोगों का कहना है कि अगर सड़क पर पुलिस न रहे, तो लॉकडाउन रांची में फेल हो जायेगा। राज्य के दूसरे शहरों में भी यही स्थिति है। रामगढ़, गुमला, लोहरदगा, गढ़वा, पलामू, हजारीबाग और कोडरमा स•ाी जगह पुलिस सड़क पर है। अब तो पेट्रोलिंग गली-मुहल्लों में भी होने लगी है। लॉकडाउन को सफल बनाने के लिए सभी जिले के एसपी नियंत्रण कक्ष बना चुके हैं। डीजीपी एमवी राव खुद पूरी स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। रांची में आठ डीएसपी अलग-अलग इलाकों में गश्त कर रहे हैं। ये वही पुलिस है, जिसपर कई तरह के आरोप लगते रहे हैं। अब यही पुलिस लोगों को खाना भी खिला रही है। हर थानेदार खाना बनवाकर अपने-अपने इलाकों में बांट रहे हैं। साथ ही, कुछ जगहों पर तो चूड़ा, चना और गुड़ भी बांटा जा रहा है। यह स्थिति पूरे राज्य में फिलहाल 14 अप्रैल तक रहेगी।
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