आजाद सिपाही संवाददाता
रांची। रांची के हिंदपीढ़ी थाना क्षेत्र की बड़ी मस्जिद में विदेश से आये मुस्लिम धर्म गुरुओं की दो अलग-अलग टीमें छुपी हुई थीं। इसमें 17 विदेशी मुसलमान सहित 24 लोग थे। इनमें मलेशिया के आठ (चार पुरुष और चार महिलाएं) शामिल थे। इनके साथ रांची के तीन और दिल्ली के दो गाइड भी हैं, जो मदीना मस्जिद में छुपे थे। दूसरी टीम में यूके के तीन, जांबिया के दो, वेस्ट इंडीज के दो और हॉलैंड तथा बांग्लादेश के एक-एक शामिल हैं। इनमें तीन भारतीय भी शामिल हैं। इन्हें रांची पुलिस ने क्वारेंटाइन के लिए खेल गांव स्थित आइसोलेशन सेंटर में भेज दिया है। पुलिस को किसी ने फोन पर गुप्त सूचना दी, जिसके बाद पुलिस हरकत में आयी और मेडिकल टीम के साथ मसजिद में पहुंची। मेडिकल टीम ने उन्हें खेलगांव स्थित आइसोलेशन वार्ड में भर्ती करा दिया है।
सभी खेलगांव में आइसोलेशन में हैं
हिंदपीढ़ी इलाके की मसजिद में छिपे 17 विदेशी सहित 24 को रविवार की रात से रांची पुलिस ने खेलगांव स्थित आइसोलेशन वार्ड में रखा है। पुलिस को जब इनके मस्जिद में छुपे होने की सूचना मिली तो टीम मजिस्ट्रेट गजेंद्र प्रसाद सिंह की अगुवाई में वहां पहुंची और उन सबको वहां से निकाला गया। इनके कागजातों की जांच की जा रही है। विदेशी नागरिकों के वीजा और पासपोर्ट जब्त कर लिये गये हैं। इनमें से दो हाल ही में केरल से रांची लौटे हैं।
तमाड़ मस्जिद में भी मिले थे 11 विदेशी मुसलमान
इससे पहले रांची के तमाड़ स्थित रड़गांव मस्जिद में चीन और अन्य दो देशों के 11 मौलवियों को प्रशासन ने बीते 24 मार्च को हिरासत में ले लिया था। इनमें चीन के तीन, किर्गिस्तान के चार और कजाकिस्तान के चार मौलवी शामिल थे। जांच में उनके पास से मिले पहचान-पत्र के अनुसार, इनकी पहचान चीन के मा मेंनाई, ये देहाइ, मा मेरली, किर्गिस्तान के नूर करीम, नारलीन, नूरगाजिन, अब्दुल्ला और कजाकिस्तान के मिस्नलो, साकिर, इलियास के रूप में हुई थी। सभी को पुलिस ने मुसाबनी ट्रेनिंग स्कूल में क्वॉरेंटाइन के लिए भेज दिया था। वहीं पर उनसे एनआइए और सीबीआइ अफसरों ने पूछताछ भी की थी। उस आधार पर मेरठ और कुछ और शहरों में छापेमारी की गयी थी।
इन्हें रखा गया क्वारेंटाइन में
आकाश महली, मिखिल महली, शाहिद कबीर (यूके), फरिमान सीज (क्रोनिया), शैफुर इस्लाम (पोलैंड), फारूक खान (वेस्ट इंडीज), काजी दिलवर हुसैन (यूके), युनूस बफोरिया (गुजरात), नदीम खान (वेस्ट इंडीज), सिथोन हुसैन (यूके), मुसा जफो (दक्षिण अफ्रीका), महासीन अहमद (यूके), मो इमरान (मुंबई), मो मोज्जमिल (हैदराबाद), अफांद अरबी (दिल्ली), रोशन जहां (दिल्ली), अजीम बिन स्लेमम(मलेशिया), राशिदा नाजिहां (मलेशिया), महाजिर खामिश (मलेशिया) आशिदा (मलेशिया), कमद जमायरा (मलेशिया), आसमां (मलेशिया), शफीक बिन सतीशा (मलेशिया) एवं मौर हाशिमी (मलेशिया)।