झारखंड के रिम्स में ही कोरोना वायरस के वेरिएंट की अब पहचान हो सकेगी। रिम्स को अपना जीनोम सिक्वेंसिंग मशीन मिल गया है। जानकारी के अनुसार सोमवार रात मशीन रिम्स पहुंची।

अब रिम्स में जिनोम सिक्वेंसिंग आने से वैरिएंट की पहचान के लिए दूसरे राज्यों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।

कोरोना वायरस के अलावा कई तरह के अनुवांशिक शोध में इस मशीन का इस्तेमाल हो सकेगा। इसके लिए रिम्स में अलग से एक डिपार्टमेंट भी तैयार किया गया है। मालूम हो कि यह मशीन एनएचएम के माध्यम से खरीदी गई है। दूसरी मशीन दुमका के लिए खरीदी जानी है। उल्लेखनीय है कि एक साल से भी अधिक समय से रिम्स के लिए जीनोम सीक्वेंसिंग मशीन की खरीदारी की प्रक्रिया चल रही थी।

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