-चतरा में सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था का हाल
आजाद सिपाही, संवाददाता
चतरा। चतरा की स्वास्थ्य व्यवस्था भगवान भरोसे है। स्वास्थ्य कर्मियों की लापरवाही से आये दिन मरीजों की जान जा रही है। शुक्रवार की रात कोल्हैया पंचायत के लारा लूटुदाग गांव की प्रसूता भी इस लापरवाही की शिकार हो गयी। जानकारी के अनुसार गुंजन देवी को प्रसव के लिए उंटा स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया था। बच्चे को जन्म देने के दौरान अत्यधिक रक्तस्त्राव के कारण उसकी हालत खराब हो गयी। रात भर वह कराहती रही, लेकिन स्वास्थ्य केंद्र के कर्मियों ने उसकी तरफ ध्यान नहीं दिया। समय रहते उसे बेहतर उपचार के लिए सदर अस्पताल चतरा अथवा अन्य उच्च स्वास्थ्य संस्थान में भर्ती नहीं कराया गया। सुबह जब मरीज की सांसें थमने लगीं, तो अस्पताल प्रबंधन ने आनन-फानन में उसे ममता वाहन से सदर अस्पताल भेजा, परंतु सदर अस्पताल पहुंचने से पूर्व ही गुंजन देवी की मौत हो चुकी थी। घटना की सूचना विभाग के वरीय अधिकारियों को भी दी गयी। उन्होंने इस मामले को अविलंब जांच करने का निर्देश चिकित्सा पदाधिकारी डॉ सिंद्रेला बलमुचू को दिया। इस मामले में ममता वाहन के चालक की भूमिका भी संदेह के घेरे में है। वहीं सिविल सर्जन डॉ एसएन सिंह ने बताया कि इस मामले में हुई जांच की रिपोर्ट अब तक उनके पास नहीं आयी है।
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