रांची। सेंट जेवियर्स कॉलेज रांची के जंतु विज्ञान विभाग ने आइक्यूएसी अकादमिक सहयोग पहल के तहत शनिवार को ‘इमर्जिंग ट्रेंड्स इन साइंटिफिक रिसर्च’ पर एक आमंत्रित व्याख्यान का आयोजन किया। वर्जीनिया टेक्निकल यूनिवर्सिटी के निदेशक प्रो डॉ सुनील कुमार सिन्हा ने अपने शोध कार्य एवं विचारों को विद्यार्थियों से साझा किया। उन्होंने भूमिगत जल और उसके संरक्षण की उपयोगिता को डेटा साइंस और आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस के परस्पर उपयोग की महत्ता पर प्रकाश डाला और आने वाली पीढ़ियों को पर्यावरण संरक्षण के लिए जागरूक किया। उन्होंने विद्यार्थियों की जिज्ञासा को और प्रश्नों को गंभीरतापूर्वक सुना और सुलझाया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों और शिक्षाविदों के लिए संयुक्त शैक्षणिक अनुसंधान, संयुक्त कार्यशालाओं और व्यावसायिक विकास कार्यक्रम के क्षेत्रों में ज्ञान और कौशल प्रदान करने के लिए एक व्यापक साझेदारी की सुविधा प्रदान करना भी था। मौके पर कॉलेज के प्राचार्य फादर डॉ नाबोर लकड़ा, विभागाध्यक्ष डॉ भारती रायपत और रेक्टर डॉ अलेक्स एक्का, प्रो डॉ शिव कुमार, डॉ रितेश शुक्ला, डॉ प्रिया श्रीवास्तव, डॉ मनोज, डॉ पीपस, प्रो रितेश सिंह, प्रो कमलदीप, प्रो अजय, प्रो सेन, प्रो संयुक्ता कुमार, प्रो मौली और चार सौ छात्र-छात्राएं उपस्थित थे। इस तरह के कार्यक्रम की आवश्यकता पर जोर देते हुए प्राचार्य ने कहा कि अच्छी तरह से शिक्षित एवं योग्य युवाओं को विकसित करना शिक्षा और उद्योग दोनों की जिम्मेदारी है। यह कार्यक्रम युवा शोधकर्ताओं और शिक्षाविदों को प्रभावित करने वाली उभरती प्रौद्योगिकियों का विश्लेषण और मिलान करने के लिए आवश्यक कौशल सेट और योग्यता से लैस करने में मदद करेगा। कार्यक्रम का संचालन डॉ प्रिया श्रीवास्तव ने किया, जबकि डॉ भारती रायपत ने स्वागत भाषण दिया और इस प्रयास का हिस्सा बनने पर प्रसन्नता व्यक्त की। मौली ने धन्यवाद ज्ञापन किया।

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