अंबा बोली- भाजपा चाहती थी कि मैं हजारीबाग से चुनाव लड़ूं, मना करने पर छापेमारी

झारखंड की बड़कागांव विधानसभा से कांग्रेस विधायक अंबा प्रसाद के घर देर रात एऊ की रेड खत्म हुई। छापेमारी के बाद कई अहम दस्तावेज, विधायक के फोन, कई इलेक्ट्रोनिक डिवाइस सहित अन्य सामान अपने साथ ले गई है। बुधवार को हजारीबाग में उनके पुराने आवास पर फिर एऊ के अफसर पहुंचे हैं।

रेड में 20 लाख जब्त

विधायक अंबा प्रसाद ने बताया कि सुबह 6 बजे रेड शुरू हुई है और देर रात 12 बजे तक चली। अंबा प्रसाद, उनके पिता पूर्व मंत्री योगेंद्र साव और परिवार के करीबी रिश्तेदारों के 17 ठिकानों पर छापेमारी हुई। एऊ ने योगेंद्र साव के बेटे अंकित राज, बेटी अनुप्रिया और अन्य रिश्तेदारों के नाम पर बनी 10 कंपनियों में छापेमारी की।

छापेमारी के दौरान योगेंद्र साव और अंबा प्रसाद के ठिकानों से महत्वपूर्ण दस्तावेज और विभिन्न ठिकानों से करीब 20 लाख रुपए नगद जब्त किए जाने की सूचना है। छापेमारी के दायरे में योगेंद्र साव के कुल 3 ठिकानों को शामिल किया गया।
अंबा प्रसाद बोलीं- बीजेपी प्रेशर पॉलिटिक्स कर रही

छापेमारी के बाद अंबा प्रसाद ने कहा कि भाजपा ने हजारीबाग से चुनाव लड़ने के लिए कहा था। चतरा की सीट के लिए चुनाव लड़ने का दबाव था। सुबह से आरएसएस के लोग बैठे रहते थे। मेरे घर में ऐसे समय में पूरे परिवार को परेशान किया जा रहा है। मुझे छापेमारी में घंटों खड़ा रखा गया। मैं सो रही थी और एऊ सीधे बेडरूम तक पहुंच गई। हर चीज में राजनीतिक दबाव बनाया जा रहा है।

अडाणी और एनटीपीसी के खिलाफ बोलती रहूंगी

अंबा प्रसाद ने कहा मैं अडाणी या एनटीपीसी के खिलाफ आवाज उठाती थी। लोग मुझे मना करते थे, लेकिन मैं राजनीति में जनता के लिए आई हूं। मैं उनके मुद्दे उठाऊंगी। मेरी मां परेशान थी वह कह रहीं थी चुनाव मत लड़ो, लेकिन हम डरने वाले नहीं है। मेरी बहन का एक संदूक जो बॉयोमेट्रिक से खुलता था वह भी एऊ अपने साथ लेकर गई है। कई कागजात लेकर गई है। मेरा फोन भी लेकर गए हैं। क्या है अंचल अधिकारी और शशिभूषण का रिश्ता

अंबा प्रसाद ने कहा कि हम जनप्रतिनिधि हैं हम दूसरे के मामले में पड़ते हैं। न्याय करने की कोशिश करते हैं। मैंने खुद शशिभूषण के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। आपको बता दें कि इडी ने हजारीबाग के तत्कालीन अंचल अधिकारी शशिभूणष सिंह के रांची स्थित आवास पर भी छापेमारी की। जमीन की हेराफेरी के एक पुराने मामले म् इडी के अभियुक्त हैं।

उन्होंने अंबा प्रसाद और योगेंद्र साव के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के लिए थाना प्रभारी को पत्र लिखा था। राजनीतिक और प्रशासनिक दबाव में उन्होंने थाने को एक दूसरा पत्र लिखा जिसमें जमीन कब्जा करने के मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की अनुशंसा की।

बीजेपी बोली- अपने ऊपर लगे आरोप से ध्यान हटाने की कोशिश

बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने कहा की अंबा प्रसाद ऐसे तथ्यहीन बयान देकर अपने ऊपर भ्रष्टाचार के लगे आरोप से ध्यान हटाना चाहती हैं। प्रतुल ने कहा आखिर यह उसी दल की सदस्य हैं जिसके झारखंड के एक सांसद के पास से साढ़े तीन सौ करोड़ नकद बरामद हुआ था।

छापेमारी के बाद विधायक अंबा प्रसाद ने कहा कि उन पर प्रेशर पॉलिटिक्स का इस्तेमाल किया जा रहा है। भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि वह चाहते थे कि मैं चतरा या हजारीबाग से चुनाव लड़ूं, लेकिन मेरे मना करने के बाद उन्होंने एऊ को भेजकर दबाव बनाने की कोशिश की है। मैं घर में रो रही थी एऊ की टीम सीधे मेरे बेडरूम में घुस आई।

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