रांची। राष्ट्रीय महिला हॉकी लीग 2024-25 के अंतिम चरण का खिताब जीतने वाली हॉकी हरियाणा की कप्तान पूजा मलिक ने टूर्नामेंट को लेकर टीम का अनुभव साझा किया। उन्होंने कहा कि टूर्नामेंट में हमारा अनुभव बहुत अच्छा रहा। हमने अंत का लड़ाई लड़ी जिससे हमने फाइनल में जीत दर्ज की।
हॉकी हरियाणा ने झारखंड के रांची स्थित मारंग गोमके जयपाल सिंह मुंडा एस्ट्रो टर्फ पर एक करीबी मुकाबले में हॉकी एसोसिएशन ऑफ ओडिशा को 3-2 से हराकर राष्ट्रीय महिला हॉकी लीग 2024-25 (अंतिम चरण) का खिताब जीता। चार जीत, दो हार और एक शूटआउट जीत के साथ हॉकी हरियाणा ने सात मैचों में 15 अंक दर्ज किए और पूल चरण में तालिका में शीर्ष पर रही। हॉकी एसोसिएशन ऑफ ओडिशा ने भी इतने ही अंक हासिल किए। हालांकि हॉकी हरियाणा का गोल अंतर बेहतर रहा। फाइनल में अहाल्या लाकड़ा और दीपिका बारवा ने हॉकी एसोसिएशन ऑफ ओडिशा के लिए गोल किया, जबकि हॉकी हरियाणा के लिए काजल ने दो गोल और सावी ने एक गोल करके जीत सुनिश्चित की।
टूर्नामेंट के बारे में बात करते हुए हॉकी हरियाणा की कप्तान पूजा मलिक ने हॉकी इंडिया की ओर से शनिवार को बयान में कहा कि टूर्नामेंट में हमारा अनुभव बहुत अच्छा रहा। हमने कुछ मैच हारे लेकिन हमने अंत तक संघर्ष किया और फाइनल जीता। हम हमेशा आक्रामक हॉकी खेलने की कोशिश करते हैं। हम शुरू से ही दबाव बनाना चाहते थे ताकि हम आगे से हमला कर सकें। यही टूर्नामेंट में हमारी रणनीति थी। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों और उनकी कड़ी मेहनत को श्रेय जाता है क्योंकि हमारी टीम का संयोजन इस जीत की कुंजी थी।
हॉकी हरियाणा के हेड कोच दिलबाग सिंह ने अपनी भावनाओं को दोहराते हुए कहा कि हमारी टीम हमेशा आक्रामक हॉकी खेलने के लिए जानी जाती है और फाइलन में भी यही योजना थी। मैंने टीम से खुलकर खेलने और आक्रामक हॉकी पर ध्यान केंद्रित करने को कहा। हमने पहले ओडिशा का सामना किया था और हम जानते थे कि वे पेनाल्टी कॉर्नर को गोल में बदलने में कितने मजबूत हैं। हमारी टीम ने फाइनल में उन्हें रोकने के लिए शानदार रक्षात्मक प्रदर्शन किया और यही गेमचेंजर था।