नई दिल्ली। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को कहा कि भारत के वैश्विक विनिर्माण केंद्र के रूप में उभरने के लिए मजबूत मध्यस्थता और मध्यस्थता तंत्र महत्वपूर्ण हैं। कानूनी सुधार और एक मजबूत मध्यस्थता ढांचा निवेशकों के विश्वास और आर्थिक विकास को बढ़ावा देगा।

गोयल ने आज नई दिल्ली में यूनाइटेड इंटरनेशनल एवोकेट कॉन्फ्रेंस के विशेष पूर्ण सत्र को संबोधित करते हुए यह बात कही। गोयल ने अपने संबोधन में भारत के तीव्र आर्थिक विकास और वैश्विक विनिर्माण केंद्र बनने की उसकी महत्वाकांक्षा को समर्थन देने में एक मजबूत कानूनी और मध्यस्थता ढांचे के महत्व को रेखांकित किया।

वाणिज्‍य एवं उद्योग मंत्री ने कहा कि न्यायिक देरी को कम करने और एक स्थिर एवं पारदर्शी कारोबारी माहौल सुनिश्चित करने में मध्यस्थता और मध्यस्थता महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने मध्यस्थता तंत्र में विश्वास की आवश्यकता पर जोर दिया और बड़ी कंपनियों के प्रभाव और अंतरराष्ट्रीय पूर्वाग्रहों के बारे में चिंताओं को स्वीकार किया। गोयल ने हितधारकों से भारत में मध्यस्थता प्रथाओं को मजबूत करने का आग्रह किया ताकि उन्हें अधिक कुशल और निष्पक्ष बनाया जा सके, जिससे निवेशकों के लिए अधिक अनुकूल माहौल को बढ़ावा मिले।

गोयल ने कानूनी बिरादरी को स्पष्ट, मजबूत और वैश्विक रूप से प्रतिस्पर्धी कानूनी ढांचे का मसौदा तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए प्रोत्साहित करते हुए समापन किया, जो वैश्विक आर्थिक महाशक्ति के रूप में भारत की आकांक्षाओं का समर्थन करता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि एक मजबूत कानूनी ढांचा न केवल आर्थिक विकास को सुविधाजनक बनाएगा, बल्कि वैश्विक व्यापार पारिस्थितिकी तंत्र में एक विश्वसनीय भागीदार के रूप में भारत की प्रतिष्ठा को भी मजबूत करेगा।

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