इटकी: जम्मू काश्मीर के लद्दाख क्षेत्र में बर्फबारी के दौरान शहीद हुए सेना के जवान थाना क्षेत्र के सेमरा गांव निवासी प्रभु सहाय तिर्की का शव शनिवार को गांव नहीं पहुंचा। बताया गया कि लद्दाख क्षेत्र में जारी बर्फबारी व खराब मौसम के कारण शहीद का शव वहां से उठाया नहीं जा सका है। इधर राज्य सरकार द्वारा शहीद के परिजनों को बतौर मुआवजा दो लाख की राशि देने की घोषणा के अनुरूप विधायक गंगोत्री कुजूर ने शहीद की पत्नी सुचिता तिर्की को दो लाख रुपए का एक बैंक चेक सौंपा। मौके पर विधायक कुजूर ने शहीद के दोंनो पुत्र अक्षय अंकित व अनीश अंकित की पढ़ाई की जिम्मेवारी ली व इटकी से सेमरा भाया सेमरा पतरा कच्ची पथ को कालीकरण करते हुए इस पथ का नाम शहीद प्रभु सहाय पथ किये जाने की घोषणा की। मौके पर प्रखंड प्रभारी बीडीओ सह सीओ राकेश कुमार श्रीवास्तव, प्रखंड बीस सूत्री अध्यक्ष राजेश्वर महतो, सांसद प्रतिनिधि मनोज महतो, भाजपा इटकी मंडल के अध्यक्ष कृष्णा राम तिवारी, अनिल उरांव, पुनम कुमारी, राजीव रंजन अधिकारी, भोगन सोरेन, रोहित तिर्की, विश्राम कुजूर व अन्य शामिल थे।
शहीद कुलदीप की मां ने चेक लेने से किया इंकार
रांची। कारगिल में बर्फ से दब कर शहीद हुए रांची जिले के मांडर थाना के बिसाखटंगा गांव के सिपाही कुलदीप लकड़ा की मां गोरमति कुजूर ने सरकार से 2 लाख रुपये चेक लेने से इंकार कर दिया। श्रीमती कुजूर ने कहा कि बेटा देश के लिए शहीद हुआ है। सरकार पैसा अपने पास रखे। यह शहीद का सम्मान नहीं अपमान है। मां ने कहा बेटा खोने का गम है लेकिन शहादत पर गर्व है कि बेटा देश के लिए शहीद हुआ है।