रांची: झारखंड विधानसभा में गुरुवार को वस्तु एवं सेवा कर विधेयक यानी जीएसटी बिल पारित हो गया। विधेयक बिना चर्चा के सदन की कार्यवाही शुरू होने के 15 मिनट के अंदर पारित हो गया।
बिल को सदन के पटल पर प्रभारी मंत्री सीपी सिंह ने रखा। उन्होंने कहा कि देश के आर्थिक क्षेत्र में यह क्रांतिकारी कदम है। इससे आम लोगों और लघु व्यापारियों को लाभ होगा। बता दें कि इसके लिए विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र का आयोजन किया गया था।
हम बिल में बाधा नहीं पहुंचाने जा रहे: हेमंत
सदन में बिल पेश किये जाने के बाद विपक्ष के नेता हेमंत सोरेन ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि इसके जरिये हम पूरी शक्ति केंद्र को देने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सीएनटी-एसपीटी एक्ट पर सदन क्यों मौन है।
उन्होंने कहा कि यहां के आदिवासियों-मूलवासियों के पास पैसे नहीं हैं, उनके पास जायदाद-संपत्ति है और उसकी सुरक्षा जरूरी है। हम इस बिल के पारित होने की राह में कोई बाधा पहुंचाने नहीं जा रहे हंै, लेकिन हम चाहेंगे कि सीएनटी-एसपीटी एक्ट में संशोधन वापस लाने का विधेयक भी लाया जाये।
वेल में आये झामुमो सदस्य, की नारेबाजी
चर्चा के दौरान मंत्री सीपी सिंह को बात पूरी नहीं करने दी गयी। झामुमो के सदस्य अपनी सीट पर खड़े होकर संशोधन वापस लाना होगा के नारे लगाने लगे। झामुमो के कुछ सदस्य बाद में वेल में भी आ गये। इस बीच स्पीकर दिनेश उरांव ने कहा कि झामुमो के स्टीफन मरांडी ने विधेयक के मूल पाठ में संशोधन का प्रस्ताव दिया है। वह अपना संशोधन पेश कर सकते हैं, लेकिन स्टीफन मरांडी इसके लिए नहीं उठे। इस पर स्पीकर ने उनके संशोधन के प्रस्ताव को अस्वीकृत कर दिया। इसके बाद स्पीकर ने झारखंड माल एवं सेवा कर विधेयक 2017 स्वीकृत करने की घोषणा की।
सदन की शुरुआत में राष्ट्रपति एवं राज्यपाल द्वारा स्वीकृत विधेयकों की प्रति पटल पर पेश की गयी। जीएसटी बिल पारित होने के बाद शोक प्रस्ताव लाया गया, संवेदनाएं व्यक्त की गयीं और सदन को अनिश्चितकाल तक के लिए स्थगित कर दिया गया।

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