सरकार का काम देख कर भाजपा नेताओं की नींद उड़ी हुई है
आजाद सिपाही संवाददाता
रांची। झामुमो महासचिव विनोद पांडेय ने भाजपा पर पलटवार करते हुए कहा है कि झामुमो नहीं, भाजपा राज्य में तुष्टिकरण की राजनीति कर रही है। उन्होंने कहा कि एक नहीं ऐसे अनेक मामले हैं, जब भाजपा ने जाति-धर्म और समुदाय के नाम पर लोगों को बांटने का काम किया। झामुमो और झारखंड सरकार तो जाति-धर्म से ऊपर उठ कर सामाजिक समरसता बरकरार रखते हुए कोरोना संकट के काल में जरूरतमंदों तक भोजन और जरूरी सहायता पहुंचाने में जुटी हुई है। उन्होंने कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद राज्य सरकार ने जो काम किया है, उसे देख कर भाजपा की नींद उड़ गयी है और भाजपा नेता पत्र लिखने की राजनीति कर रहे हैं। जहां तक जमशेदपुर की घटना का सवाल है, तो लॉकडाउन के समय में फल विक्रेता को प्रभावित कर उसकी दुकान पर हिंदू फल विक्रेता का बैनर लगवाना क्या तुष्टिकरण नहीं है। भाजपा के तीन सांसद लॉकडाउन का उल्लंघन करते हैं, पर पार्टी इस पर चुप्पी साधे रहती है। उन्होंने कहा कि जमशेदपुर के अलकोर होटल में लॉक डाउन के समय में अनैतिक कार्य हो रहा था। इसे देखते हुए पुलिस-प्रशासन ने कार्रवाई की और इसमें नौ लोग गिरफ्तार हुए, पर भाजपा का एक बयान तक नहीं आया। यह क्या दर्शाता है? उन्होंने कहा कि महामारी के समय में झारखंड को केंद्र से मदद की दरकार है, पर केंद्र सरकार झारखंड के साथ सौतेला व्यवहार कर रहा है। झारखंड सरकार तो दलीय राजनीति से ऊपर उठ कर समान भाव से जनता की सेवा में जुटी हुई है, पर इससे भाजपा नेताओं के पेट में दर्द हो रहा है। भाजपा की तुष्टिकरण की राजनीति जनता देख रही है और यही वजह है कि आज भाजपा सत्ता से बाहर है। उन्होंने कहा कि सत्ता से बाहर होने के बाद भाजपा ने तुष्टिकरण की राजनीति और तेज की है, पर इससे उसे कोई फायदा नहीं होगा।