agency: कोरोना वायरस की वजह से हमारी धरती अब स्थिर हो गई है। अब वह उतना नहीं कांपती, जितना लॉकडाउन से पहले कांपती थी। वैज्ञानिकों ने पता लगाया है कि इस समय जब पूरी दुनिया में लॉकडाउन है। हमारी धरती का कंपन कम हो गया है। यानी पूरी दुनिया में ध्वनि प्रदूषण इतना कम हो गया है कि अब भूकंप विज्ञानी बेहद छोटे स्तर के भूकंपों को भी भांप ले रहे हैं। जबकि, लॉकडाउन से पहले ऐसा करने में मुश्किल आती थी। हम इंसानों की फितरत है कि जहां रहेंगे वहां शोर मचाएंगे। इतनी ज्यादा आवाजें निकालते हैं कि चारों तरफ शोर हो जाता है। गाड़ियों का, फैक्ट्रियों का, हॉर्न, तोड़फोड़ और निर्माण आदि से निकलने वाली आवाजें धरती के कंपन को बढ़ा देती हैं। जब भी इंसान धरती पर चलते हैं, यातयात जारी रहता है, नावें, जहाज, विमान उड़ते हैं तब ध्वनि की मात्रा बढ़ जाती है। इसकी वजह से पृथ्वी ज्यादा कांपती है। लॉकडाउन के समय पूरी दुनिया में इतनी कम आवाज है कि लोगों को शांति मिल रही है। थॉमस लेकॉक बताते हैं कि आम दिनों में इंसानों द्वारा इतना शोर होता है कि हम धरती के मामूली कंपन को भी नहीं जांच पाते थे। हमारे यंत्रों में हल्का कंपन भी पता नहीं चलता था। लेकिन अब लॉकडाउन के समय हम धरती की हल्की कंपकंपी को भी नोट कर पा रहे हैं।

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