इस डील के बाद फेसबुक अब जियो की सबसे बड़ी शेयरहोल्डर बन गई है. फेसबुक के इस निवेश के बाद जियो प्लैटफॉर्म्स की एंटरप्राइज वैल्यू 4.62 लाख करोड़ हो गई है. इस सौदे से रिलायंस इंडस्ट्रीज समूह को अपने कर्ज का बोझ कम करने में मदद मिलेगी और फेसबुक की भारत में स्थिति और मजबूत होगी, उसके लिए भारत इस समय भी सबसे बड़ा बाजार है.
रिलायंस के एक बयान में कहा – आज हम रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के जियो प्लेटफार्म्स लिमिटेड में 5.7 अरब अमेरिकी डॉलर या 43,574 करोड़ रुपये निवेश करने की घोषणा कर रहे हैं, जिससे फेसबुक इसका सबसे बड़ा शेयरधारक बन जाएगा.
डील के बाद फेसबुक ने कहा, ‘यह निवेश भारत के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है. जियो ने भारत में जो बड़े बदलाव लाए हैं, उससे हम काफी उत्साहित हैं. चार साल से भी कम समय में रिलायंस जियो 388 मिलियन (करीब 38 करोड़) से ज्यादा लोगों को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर लेकर आया है, इसलिए हम जियो के जरिए भारत में पहले से ज्यादा लोगों के साथ जुड़ने के लिए प्रतिबद्ध हैं.’
जियो की शुरुआत 1016 में हुई थी. जियो ने 4 सालों में ही टेलीकॉम इंडस्ट्री में अपना जलवा कायम कर लिया. जियो ने अपना विस्तार किया और ये करीब 38 करोड़ कस्टमर तक पहुंच गया. वहीं अगर फेसबुक की बात करे तो भारत में उसके करीब 40 करोड़ यूजर्स हैं