कोरोना वायरस महामारी के वक्त लोकप्रियता के मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्ल्ड लीडर्स को पछाड़ते हुए पहले पायदान पर पहुंच गए हैं. अमेरिका की ग्लोबल डेटा इंटेलिजेंस कंपनी मॉर्निंग कंसल्ट पॉलिटिकल इंटेलिजेंस ने एक रेटिंग जारी की है. ये रेटिंग कोरोना वायरस के संकट के बीच दुनियाभर के नेताओं के काम करने की क्षमता और उनपर लोगों के भरोसे को ध्यान में रखकर जारी की गई है.
इस रेटिंग में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अप्रूवल रेटिंग को दुनिया के बाकी सभी नेताओं से ऊपर रखा गया हैइस रेटिंग में नरेंद्र मोदी 68 अप्रूवल प्वॉइंट्स के साथ पहले स्थान पर हैं. जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप को माइनस 3 अप्रूवल रेटिंग प्वॉइंट्स मिले हैं. 10 नेताओं की इस लिस्ट में ट्रंप आठवें नंबर पर हैं. इस रेटिंग के लिए 1 जनवरी 2020 से 14 अप्रैल 2020 तक, लोगों से दुनिया के दूसरे नेताओं से संबंधित सवाल पूछे गए
जानकारी के मुताबिक हर रोज औसतन 447 लोगों के इंटरव्यू लिए गए. 1 जनवरी 2020 को नरेंद्र मोदी का अप्रूवल रेटिंग प्वाइंट 62 था. जबकि 14 अप्रैल आते आते ये 68 हो गया. इसी पैमाने पर 1 जनवरी को ट्रंप की रेटिंग माइनस 10 थी और 14 अप्रैल तक वो माइनस तीन पर पहुंची.
लिस्ट में पीएम मोदी पहले नंबर पर हैं. दूसरे नंबर पर मैक्सिको के राष्ट्रपति हैं और तीसरे नंबर पर ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन हैं. इस लिस्ट में ट्रंप आठवें स्थान पर हैं.
पीएम मोदी की रेटिंग में सुधार की वजह कोरोना वायरस से निपटने को लेकर उनकी तैयारी और तत्काल फैसले लेने की क्षमता है. कोरोना के खतरे को देखते हुए भारत ने अन्य देशों से पहले देश के एयरपोर्टों पर स्क्रीनिंग की व्यवस्था शुरू की गई. चीन के वुहान में कोरोना के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए वहां फंसे भारतीयों खासकर छात्रों को तत्काल एयलिफ्ट किया गया.
पीएम ने 25 मार्च को देश में लॉकडाउन की घोषणा की थी जिसे 14 अप्रैल को 19 दिनों के लिए बढ़ा दिया गया. वहीं, उन्होंने वैश्विक नेताओं को महामारी से निपटने में एकजुट करने की भी कोशिश की. सार्क देशों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक कराई साथ ही जी20 देशों की बैठक कराने के लिए लिए भी उन्होंने ही पहल की. इस सभी वजहों ने दुनियाभर में पीएम मोदी की लोकप्रियता में इजाफा किया है.
इसके अलावा कोरोना संकट के समय जब हर देश अपने और अपने लोगों के बारे में सोच रहे हैं ऐसे समय में भी पीए मोदी ने आगे आकर अमेरिका समेत दुनियाभर के देशों की मदद की