चाकुलिया : जमशेदुर के ग्रामीण क्षेत्र चाकुलिया और आसपास में आदिवासियों की परम्परा के मुताबिक आज के दिन आदिवासी समाज के युवा परंपरागत हथियार से लैश होकर जंगल में जाकर शिकार करते हैं. समाज के लोग जंगल में शिकार खेलने के पूर्व जंगल में वन देवी की पूजा कर शिकार करते हैं. चाकुलिया वन क्षेत्र के राजाबासा शाल पेड़ों के जंगल में मंगलवार को परम्परा के मुताबिक कई युवा परंपरागत हथियार से लैश होकर जंगल में शिकार करने पहुंचे थे. कोरोना वायरस के संक्रमण को दरकिनार करते हुए सोशल डिस्टेंशिंग की लक्ष्मण रेखा को तोड़ते हुए लोग जंगलों में घुस गये. वे लोग जंगली जानवरों का शिकार करना चाहते थे. जंगल में शिकार करने की सूचना पाकर वन रक्षी बलराम सिंह मुंडा, अमित सेन महतो, अरूण कुमार, अभिलाष कुमार महतो समेत क्यूआरटी की टीम राजाबासा जंगल पहुंचकर माइक के जरिये लोगों को चेतावनी दी.
इसके माध्यम से लोगों को चेतावनी देकर जंगल से बाहर आने की अपील की. वनकर्मियों के आने पर जंगल में शिकार करने गये कई युवा जंगल के रास्ते बाहर भाग निकले वही कुछ युवकों को वनकर्मियों ने पकड़ कर समझा बुझाकर घर जाने को कहा. इस दौरान वनकर्मियों के साथ तीखी नोकझोक भी हुई. वनकर्मियों ने कहा कि जंगली जानवरों का शिकार करना अपराध है और कोरोना वायरस के संक्रमण बीमारी के कारण सरकार ने राज्य में लाकडाउन की घोषणा की है. लाकडाउन में घर से बाहर रहने पर कार्रवाई होगी. वनकर्मियों के समझाने के पश्चात जंगल में शिकार खेलने पहुंचे युवक अपने अपने घर लौट गये हैं. विदित हो की आज ही के दिन बड़ी संख्या में लोग राजाबासा जंगल पहुंचकर शिकार पर्व मनाते है. लाकडाउन होने के कारण वाहन और ट्रेन का परिचालन बंद है जिस कारण बाहर के युवा नही आये थे कुछ स्थानिक युवक ही जंगल में शिकार करने पहुंचे थे.