स्वास्थ्य मंत्रालय, गृह मंत्रालय और एनसीडीसी ने संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस कर कोरोना से जुड़ी कई बातों को सामने रखा। गृह मंत्रालय ने बताया कि छह अंतर मंत्रालयी केंद्रीय टीमों (आईएमटीसी) के गठन के अलावा आज चार और आईएमटीसी का गठन किया गया है। वहीं स्वास्थ्य मंत्रालय ने जानकारी दी कि मरीजों का रिकवरी रेट 20.57 फीसदी है। प्रेस कांफ्रेंस में कोविड एंपावर्ड ग्रुप भी मौजूद था।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा
पिछले 24 घंटों में पूरे देश में 491 लोग कोरोना से ठीक हुए है जिसे मिलाकर ठीक होने वालों की कुल संख्या 4748 हो गयी है। साथ ही पिछले 24 घंटों में 1684 नये कोरोना केस सामने आये जिससे कोरोना संक्रमितों की कुल संख्या 23077 हो गयी है। लेकिन राहत की बात यह है कि भारत में रिकवरी रेट बढ़ी है जो अब 20.57 फीसदी हो गयी है। अच्छी खबर यह है कि पिछले 28 दिनों में 15 जिलों में कोई नया केस सामने नहीं आया है। कोरोना से अबतक 718 लोगों की मौत हुई है। उन्होंने जानकारी देते हुए कहा कि कोरोना से जुड़ी कोई भी शिकायत मिलने पर हमारी रैपिड एक्शन टीम तुरंत हरकत में आ जाती है और अपकी सेवा में लग जाती है। यह टीम हाउस टू हाउस सर्च करती है और इसका डेटा रिकॉर्ड भी किया जाता है। मरीजों का उपचार होने तक यह टीम उसपर पूरी तरह से निगरानी रखती है।
गृह मंत्रालय ने कहा
लॉकडाउन के दौरान कुछ आर्थिक गतिविधियों की अनुमती दी गयी जिसमें लॉकडाउन के नियमों का पालन हो सके जैसे कि सोशल डिस्टेंसिंग। गृह मंत्रालय ने कहां कि समाज के कुछ ऐसी भी व्याख्या की जा रही थी कि किसी फैक्टरी में कोविड मरीज पाए जाने पर सीईओ को सजा हो सकती है, या फैक्टरी को तीन महीने के लिए सील किया जा सकता है, इसलिए गृह मंत्रालय ने राज्यों को पत्र लिखकर कहा है कि ऐसा कोई प्रावधान नहीं है। छह अंतर मंत्रालयी केंद्रीय टीमों के गठन के अलावा गृह मंत्रालय ने आज चार और आईएमटीसी का गठन किया है। इन टीमों को एडिशनल सेक्रेटरी स्तर के अधिकारी देख रहे हैं।
एनसीडीसी ने कहा
नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल (एनसीडीसी) के निदेशक डॉ. सुजीत सिंह ने कहा कि कोविड 19 से लड़ने में फिलहाल सर्विलांस हमारा प्रमुख हथियार है। आज हमारा डबलिंग टाइम 9 दिन तक पहुंच गया है, ये दिखाता है कि जो महामारी तेज गति से फैल रही थी उस पर हम किस हद तक अपने प्रयासों से रोक लगा पाए हैं। जिला स्तर पर सर्विलांस का काम चल रहा है। सर्विलांस के जरिए हम डाटा एकत्र करते हैं और इसपर काम होता है। लॉकडाउन के कारण कोरोना वायरस के मामले कम हुए हैं। सर्विलांस सिस्टम के जरिए करीब 9 लाख 45 हजार लोगों पर नजर रखी गई। सर्विलांस से हमें बहुत फायदा हुआ है। अगर समय से लॉकडाउन नहीं होता तो अबतक करीब 73 हजार केस होते।
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