जमशेदपुर : कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट ) ने गुरुवार को देश भर के सभी व्यापारियों को जो विभिन्न ई कॉमर्स प्लेटफार्मों पर पंजीकृत हैं को एक एडवाइजरी जारी किया है कि लॉकडाउन की अवधि के दौरान तथा गृह मंत्रालय के किसी भी अन्य दिशा-निर्देश तक उन्हें ई-कॉमर्स पोर्टल पर केवल आवश्यकता वाली वस्तुओं को ही बेचना चाहिए जो आज गृह मंत्रालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप है. कैट के राष्ट्रीय सचिव सुरेश सोन्थलिया ने कहा कि गृह मंत्रालय जारी एडवाइजरी के क्लॉज़ 13 (i) में यह स्पष्ट रूप से कहा गया है कि ई कॉमर्स कंपनियां केवल आवश्यक सामान ही वितरित कर सकती हैं। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि कुछ ई कॉमर्स कंपनियों ने दिशा-निर्देशों की गलत व्याख्या की और बिंदु 14 (v) का हवाला देते हुए जो व्यापारी उनके पोर्टल पर पंजीकृत हैं को कहा है कि वे 21 अप्रैल से आवश्यक या गैर-जरूरी किसी भी सामान की डिलीवरी की तैयारी शुरू कर दें। पॉइंट नंबर 14 (v) केवल ई कॉमर्स कंपनियों को संचालित करने की अनुमति देता है वह केवल आवश्यक वस्तुओं की आवाजाही की सुविधा के लिए है और सभी प्रकार के सामानों के लिए नहीं. श्री सोंथालिया ने आगे कहा कि क्लॉज़ 14 (v) के तहत ई वाणिज्य की अनुमति है, लेकिन क्लॉज़ 13 (i) ई कॉमर्स की सीमा को स्पष्ट रूप से निर्धारित करता है और इसलिए व्यापारियों को किसी भी ई कॉमर्स पोर्टल पर गैर जरूरी सामानों के व्यापार में खुद को रोकना चाहिए अन्यथा उन्हें दंड प्रावधानों का सामना करना पड़ेगा जो गृह मंत्रालय द्वारा जारी एडवाइजरी में डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट के तहत दिए गए हैं और मंत्रालय ने इसको एडवाइजरी में स्पष्ट रूप से लिखा है. उन्होंने आगे कहा कि गृह मंत्रालय के दिशानिर्देशों के तहत किसी भी दंडात्मक कार्रवाई से बचने के लिए ऑनलाइन व्यापार करने वाले छोटे व्यापारियों को किसी भी परिस्थिति में मंत्रालय से आगे लिए स्पष्टीकरण के बिना गैर जरूरी वस्तुओं का व्यापार बिलकुल नहीं करना चाहिए. व्यापारियों को दिशा निर्देशों को बेहद सावधानीपूर्वक पढ़ना चाहिए और व्यापार से पहले अपने स्वास्थ्य रखना चाहिए क्योंकि देश में कोरोनावायरस के मामले अभी भी बढ़त की ओर हैं. श्री सोन्थलिया ने कहा कि ऐसे समय में जब पूरा देश एकजुट होकर कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ रहा है, हम एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में कोई विवाद खड़ा नहीं करना चाहते क्योंकि हमारे लिए “स्वयं से पहले राष्ट्र” मार्गदर्शक नारा है. हालाँकि अगर ई कॉमर्स कंपनियों को सभी प्रकार की वस्तुओं के व्यापार की अनुमति और व्यापारी दुकानों पर लॉक डाउन प्रतिबंध लगाया जाता है तो यह लॉकडाउन के अंतर्गत आने वाले व्यापारी समुदाय के लिए बहुत अनुचित होगा जो आपूर्ति श्रृंखला को चालू रखते हुए संकट की इस घड़ी में देश की सेवा कर रहा है तथा जिसके कारण वर्तमान समय में आवश्यक किसी भी आवश्यक वस्तुओं की कोई कमी नहीं है

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